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Faridabad News: रेफर के खेल में जिंदगी हारा बच्चा

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छत पर खेल रहा दो साल का मासूम गिरा, समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप
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हेमलता
फरीदाबाद। समयपुर गांव में छत से गिरकर घायल हुए दो साल के मासूम प्रिंस की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अस्पतालों में समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाया है। पिता का आरोप है कि अस्पतालों में चिकित्सक उसके बच्चे को रेफर करते रहे। समय पर इलाज न मिलने से मामूम की मौत हो गई।
बच्चे की मौत से एक बार फिर जिले में स्वास्थ्य सेवा पर सवाल खड़े हो गए हैं। समयपुर गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। एक बेटा पांच साल का, दूसरा दो साल का प्रिंस और चार महीने की बेटी है। सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह दोनों बेटों को दुकान से खाने का सामान दिलाने के बाद मजदूरी करने के लिए चले गए। दोनों बच्चे घर के अंदर चले गए। दो साल का बेटा प्रिंस अन्य बच्चों के साथ छत पर खेल रहा था। खेलते हुए वह नीचे गिर गया और बेहोश हो गया।
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राजकुमार ने बताया कि उनके मोबाइल पर आठ बजकर 50 मिनट पर मकान मालिक का फोन आया कि बेटा छत से गिर गया, जिसके बाद वह घर आए। बेटे को लेकर धौज स्थित अल-फलाह अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद दिल्ली रेफर करने की बात कही, जिसके बाद बच्चे को बीके अस्पताल रेफर कर दिया। पिता ने बताया कि बच्चे को अल-फलाह मेडिकल कॉलेज से करीब साढ़े 11 बजे बीके अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लेकर आए थे, जहां उसको उपचार देने के बाद दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। दिल्ली के लिए वह करीब साढ़े 12 बजे एंबुलेस लेने के लिए पहुंचे, जहां एंबुलेंस के कर्मचारियों ने बताया कि वह बच्चे को दोबारा से आपातकालीन विभाग में मौजूद डॉक्टर से जांच करवाएं, जिसके बाद वह दोबारा से आपातकालीन विभाग में गए। वहां पर एक बजकर 25 मिनट पर डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया। पिता राजकुमार का आरोप है कि हादसे के बाद वे बच्चे को बचाने के लिए लगातार एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जाते रहे। उनका कहना है कि यदि समय रहते बच्चे को उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
मकान की छत पर नहीं लगी हुई है ग्रिल
राजकुमार ने बताया कि जिस मकान की पहली मंजिल पर वह रहते हैं, उसकी छत पर सिर्फ तीन पिलर खड़े किए हुए हैं। उस पिलर के बीच में सुरक्षा के लिहाज से कोई पाइप व ग्रिल को नहीं लगाया हुआ है। अगर ग्रिल व अन्य कोई सुरक्षा होती तो शायद उनका बेटा गिरने से बच जाता।
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वर्जन
बच्चे की हालत कैसी थी, इसके बारे में आपातकालीन विभाग में मौजूद डॉक्टर ही बता पाएंगे। फिलहाल इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। -डॉ. विकास गोयल, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल
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