फरीदाबाद। सेना अस्पताल के अनुसंधान रेफरल में तैनात लेफ्टीनेंट कर्नल डॉ. एवं न्यूरोएनेस्थिसियोलॉजी विशेषज्ञ से साइबर ठगों ने बीएसएफ अधिकारी बन फ्लैट किराए पर लेने के नाम पर एक लाख 41 हजार रुपये ठग लिए। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी डॉ. रत्नेश कुमार शुक्ला ने पुलिस को बताया कि वह सेना में लेफ्टीनेंट कर्नल क्लासीफाइड स्पेशलिस्ट (न्यूरोएनेस्थिसियोलॉजी) नई दिल्ली सेना अस्पताल अनुसंधान रेफरल में डॉक्टर व विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी डॉ. विप्रा भी सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। डॉ. विप्रा के नाम पर ग्रेटर नोएडा के गुरजिंदर विहार में एक फ्लैट है। उसे किराए पर देने के लिए उन्होंने ऑनलाइन विज्ञापन दिया था। इसके बाद 4 जून को रवि नाम के युवक का उनके पास फोन आया। रवि ने कहा कि वह बीएसएफ में पर्सनल ऑफिसर है और हैदराबाद में तैनात है।
उसे फ्लैट किराए पर लेना है। इसके बाद आरोपी ने बीएसएफ का आईडी कार्ड, आधार कार्ड पैन कार्ड, वोटर आईडी की फोटो लेफ्टिनेंट कर्नल को वाट्सअप पर भेज दिए। रवि ने कहा कि वह फ्लैट के किराए की अग्रिम भुगतान पेटीएम के जरिये करेगा। इसके लिए उसने पीड़ित का पेटीएम नंबर पूछा। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति का फोन आया। उसने कहा कि वह इंस्पेक्टर जोरा सिंह है और बीएसएफ बटालियन का कोषाध्यक्ष है। उसने कहा कि वह वाट्सअप के माध्यम से एक क्यूआर कोड भेजेगा। पहले वह 1 रुपये का लेनदेन करेगा ताकि बाकी पैसे सुरक्षित भेज सकें। जैसे ही उन्होंने जोरा सिंह द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड स्कैन किया तो उनके खाते से 5 हजार रुपये कट गए। कुछ देर बाद उनके खाते से 1 लाख 41 हजार रुपये निकाल लिए गए। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।