फरीदाबाद सूरजकुंड मेला परिसर में आयोजित गुर्जर महोत्सव में अपने पारंपारिक गीताें पर नाचती महिला
अलग-अलग राज्यों से आए लोगों ने वेशभूषा और रीति-रिवाजों के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन किया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गुर्जर महोत्सव का आखिरी दिन सांस्कृतिक उल्लास और उत्साह से भरपूर रहा। महोत्सव में कई राज्यों से पहुंचे कलाकारों और प्रतिभागियों ने अलग-अलग लोक संगीत और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चौपालें दिनभर गुलजार रहीं और लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।
महोत्सव में गुर्जर समाज की खानपान, संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। अलग-अलग राज्यों से आए लोगों ने अपनी लोक कला, वेशभूषा और रीति-रिवाजों के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन किया। रंगारंग कार्यक्रमों ने चौपाल पर समा बांध दिया। पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक व्यंजनों का जमकर लुत्फ उठाया। चौपालों पर ठहाकों और चर्चाओं का दौर चलता रहा, जिससे पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। खास आकर्षण गुर्जरियों की प्रस्तुतियां रहीं, जिन्होंने अपनी कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में बुजुर्ग गुर्जरियों ने भी अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाया, जिसे देखकर लोग तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। उनकी प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि परंपराएं उम्र की मोहताज नहीं होतीं। महोत्सव के समापन पर आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। गुर्जर महोत्सव का यह आयोजन सांस्कृतिक एकता और परंपरा के संरक्षण का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।