असंतुलित खानपान के कारण बढ़ रही है समस्या, युवा भी आ रहे चपेट में
नीरज धर पाण्डेय
फरीदाबाद। तेजी से बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण मधुमेह के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यह बीमारी अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लंबे समय तक बैठकर काम करना, जंक फूड का सेवन और व्यायाम की कमी इसके मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर शहरभर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिला कार्यक्रम समन्वयक (गैर संचारी रोग विभाग) डॉ. रेना ने बताया कि शहर भर में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर मधुमेह के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर लगाए जाएंगे।
एकॉर्ड अस्पताल में विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. ऋषि गुप्ता ने लोगों को मधुमेह (डायबिटीज) के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज मधुमेह एक गंभीर जीवनशैली से जुड़ी बीमारी बन चुकी है, जो धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को प्रभावित करती है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन पांच से सात मरीज मधुमेह से संबंधित समस्याओं के इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें नए मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मधुमेह का सबसे बड़ा कारण अनियमित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव है। आधुनिक जीवनशैली में लोग व्यायाम से दूर होते जा रहे हैं, जिससे शरीर में इंसुलिन का स्तर प्रभावित होता है और रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि मधुमेह के शुरुआती लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, वजन में अचानक बदलाव, थकान और घावों का देर से भरना शामिल है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डॉ. गुप्ता ने लोगों को सलाह दी कि वे नियमित रूप से शुगर की जांच कराएं, संतुलित आहार लें, रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलें और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाने से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।