चार साल बाद वाहन लेने गया था मालिक, कोर्ट के आदेश पर बिना पार्किग फीस लिए छोड़ा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) की ओर से करीब चार साल पहले एक वाहन का पॉल्यूशन का 50 हजार रुपये का चालान किया था। चालान नहीं भरने पर वाहन को बल्लभगढ़ बस डिपो में खड़ा कर दिया गया था। चार साल बाद चालान भरन के बाद जब चालक वाहन लेने के लिए डिपो में गया तो पता चला कि उसको वाहन पार्किंग फीस के 4 लाख रुपये देने होंगे। जिसके बाद वाहन मालिक ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर वाहन को बिना पार्किंग फीस लिए छोड़ दिया गया। जिससे रोडवेज विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
बल्लभगढ़ बस डिपो से मिली जानकारी के अनुसार साल 2021 में आरटीए की ओर से डिपो के बाहर से एक वाहन को पकड़ा गया था। जिसका पॉल्यूशन का 50 हजार रुपये का चालान किया गया था। वाहन को पकड़ने के बाद बल्लभगढ़ बस डिपो के अंदर बने यार्ड में खड़ा कर दिया था। यार्ड में खड़े वाहनों को नियम के अनुसार प्रतिदिन के हिसाब से 280 रुपये पार्किंग फीस के तौर पर अदा करनी होती है। वाहन मालिक 4 साल के बाद चालान भरने के बाद वाहन को लेने के लिए डिपो में पहुंचा तो उसको पता चला कि उसको करीब चार लाख रुपये पार्किंग फीस के तौर पर देने हैं।
कोर्ट का लिया सहारा
कोर्ट में चालक ने बताया कि चार साल पहले आरटीए की ओर से उसके वाहन का 50 हजार रुपये का पॉल्यूशन का चालान किया गया था, जो कि उसने भर दिया। लेकिन बस डिपो के अधिकारी पार्किंग फीस के नाम पर 4 लाख रुपये मांग रहे हैं। कोर्ट ने मालिक के हित में फैसला करते हुए रोडवेज विभाग को वाहन छोड़ने के लिए कहा गया। मालिक बिना पार्किंग फीस भरे वाहन को लेकर चला गया। इस वजह से रोडवेज विभाग के राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
रोडवेज कर्मचारी नेता रविंद्र नगर ने बताया कि उनकी ओर से कई बार उपायुक्त और आरटीए को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है कि वह जिन भी वाहनों को पकड़ते हैं। उनको डिपो के अंदर खड़ा न करें। क्योंकि इससे बसों को खड़ा करने में परेशानी होती है। कोर्ट के आदेश पर कई वाहनों को बिना पार्किंग फीस लिए छोड़ा गया है। जिससे राजस्व में उनको लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।