फरीदाबाद। फर्जी कागजों के आधार पर फर्म बनाकर सरकार से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने की तैयारी कर रही 41 फर्जी कंपनियों के मामले में सीजीएसटी के बाद अब कस्टम विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में विभाग ने इन कंपनियों के करीब तीन करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट को सीज कर दिया है। इन पैसों से आरोपी कोई लेनदेन नहीं कर सकेंगे।
इसके साथ ही आरोपियों की धरपकड़ के लिए देश भर में छापामारी की जा रही है। जीएसटी में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पिछले दिनों एनआईटी चार स्थित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय की ओर से सीमा शुल्क कार्यालय व अन्य जांच एजेंसियों की सूचना पर शहर में विशेष जांच अभियान चलाया गया था।
इस दौरान 71 निर्यातकों की जांच की गई थी। इसमें बिना सामान खरीद फरोख्त किए फर्जी बिलों के आधार पर सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने का खुलासा हुआ था। सूचना के आधार पर सीजीएसटी टीम ने शहर में छापामारी की। निर्यातकों के दस्तावेज की जांच की व्यापक स्तर पर जांच की गई।
जांच में 41 निर्यातकों ने केवल कागजी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का आईजीएसटी रिफंड पाने के लिए बिना कोई वास्तविक कारोबार किए फर्जीवाड़ा किया।
इन निर्यातकों के जीएसटी पोर्टल पर घोषित व्यापार के पते पर भी फर्जी पाए गए थे। इनमें कुछ निर्यातक ऐसे भी शामिल हैं, जिन्होंने मजदूरों के दस्तावेज पर कंपनियां खोली हुई थीं।
कोट
फर्जी कागजात के आधार पर कंपनी खोलकर सरकार के राजस्व को हानि पहुंचाने के मामले में अब कस्टम विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। अब तक करीब तीन करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट खातों को ब्लॉक कर दिया गया है। इन पैसों से कोई लेनदेन नहीं किया जा सकता।
- क्षितेंद्र वर्मा, संयुक्त आयुक्त, सीजीएसटी आयुक्तालय, फरीदाबाद