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Faridabad News: शहर की सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरे और ट्रैफिक लाइटें बनी शोपीस

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जाम की समस्या बढ़ने के साथ ही हादसों की आशंका, यातायात पुलिस को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी की मुख्य सड़कों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे और ट्रैफिक लाइटें शोपीस बनकर रह गईं हैं। इस कारण शहर में जाम की समस्या बढ़ने के साथ हादसों का भी खतरा बढ़ रहा है। आलम यह है कि पिछले दो वर्ष में सड़क दुर्घटना में 421 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, यातायात पुलिस को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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शहर में 35 फीसदी कैमरे खराब
स्मार्ट सिटी में दिल्ली-आगरा हाईवे, कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी), बाईपास रोड, सूरजकुंड रोड, सूरजकुंड-पाली रोड, आगरा नहर रोड, फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड और ग्रेटर फरीदाबाद की सभी मास्टर रोड सहित शहर में 50 से अधिक प्रमुख सड़कें हैं। हरियाणा सरकार एवं सदस्य मेंबर ऑफ पार्लियामेंट रोड सेफ्टी कमेटी के सदस्यों ने बताया कि यहां हर रोज तीन हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। दिल्ली-आगरा हाईवे, केजीपी एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड को छोड़कर किसी भी मार्ग पर वाहनों के लिए गति सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में 35 फीसदी सीसीटीवी कैमरे खराब होने से समस्या और बढ़ गई है। इस कारण वाहन चालक भी बेखौफ होकर ओवर स्पीड और गलत दिशा में वहां दौड़ा रहे हैं। जो हर रोज शहर में हादसे का कारण बन रहे हैं।
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वहीं, पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने के मामले में कुल 598 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जबकि 259 लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वहीं, वर्ष 2024 में 438 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और 162 लोग सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा चुके हैं।

लोगों की बातचीत
सीसीटीवी कैमरे शहर में अपराध की रोकथाम में एक अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर इतने बड़े पैमाने पर कैमरे खराब हैं तो यह चिंता का विषय है, प्रशासन को इसे तुरंत दुरुस्त करवाना चाहिए। - सरदार देवेंद्र सिंह, सदस्य मेंबर ऑफ पार्लियामेंट रोड सेफ्टी कमेटी

जिले के अंदर सीसीटीवी कैमरे 30 से 35 फीसदी खराब पड़े हैं। इसकी जांच की जाए और इसका समाधान जल्द से जल्द किया जाए। स्मार्ट सिटी लिमिटेड की पूरी जिम्मेदारी है इन समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने की। - केतन सूरी, मीडिया एडवाइजर, रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन
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वर्जन

सीसीटीवी कैमरों के संचालन और रखरखाव पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड करीब 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अप्रूवल की फाइल स्मार्ट सिटी प्रशासक के पास भेजी गई थी। प्राधिकरण के सीईओ ने निर्णय लिया है कि एफएमडीए अधिकारी और पुलिस आयुक्त शहर के सभी संचालित कैमरों को ध्यान में रखते हुए खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे और नए लगाए जाने वाले कैमरों की संख्या तय करने के बाद ही आगे कार्य करेंगे।- रमेश बागड़ी, महाप्रबंधक - स्मार्ट सिटी लिमिटेड
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