पूर्व आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों पर है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित ओजोन पार्क सोसाइटी के पूर्व आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों
पर लगभग 1.67 करोड़ की हेराफेरी का आरोप है। अब यह मामला स्टेट रजिस्ट्रार कार्यालय भेज दिया गया है। फैसला जल्द आने की संभावना है।
ओजोन पार्क सोसाइटी के 12 टावर में लगभग 450 परिवार रहते हैं। सोसाइटी में 27 मार्च 2022 को आरडब्ल्यूए चुनाव हुए। चुने गए आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों पर 1.67 करोड़ के हेराफेरी का आरोप है। शिकायतकर्ता व आरडब्ल्यूए में कोषाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने मेंटेनेंस के पैसों का दुरुपयोग किया है। इसकी शिकायत 19 दिसंबर 2022 को जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में की गई। दिल्ली और गुरुग्राम की चार्टर्ड फर्म ने इसकी जांच की है। उन्होंने दावा किया कि जांच में फंड में हेराफेरी का बात सामने आई है, यह रिपोर्ट स्टेट रजिस्ट्रार कार्यालय भेज दी गई है। जल्द फैसला आने की संभावना है।
आरोपों को बताया निराधार, दोबारा जांच की मांग
पूर्व आरडब्ल्यूए प्रधान पवन शर्मा और पूर्व उप प्रधान योगेश सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि सभी आरोप निराधार हैं। लोगों द्वारा दिए गए पैसे सोसाइटी की मेंटेनेंस सहित अन्य काम पर खर्च किए गए हैं, इनका रिकॉर्ड सुरक्षित रखा है। अभी कुछ पूर्व पदाधिकारी शहर से बाहर हैं, जल्द प्रेसवार्ता के माध्यम से अपनी बात रखेंगे। हम मामले के दोबारा जांच की मांग करते हैं। उधर, जिला रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से नियुक्त प्रशासक अश्विनी गुप्ता ने बताया कि शिकायत के बाद जिला स्तर पर जांच की गई है। दो चार्टर्ड फर्म ने मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट स्टेट रजिस्ट्रार कार्यालय भेज दी गई है। अंतिम फैसला आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।