धार्मिक भावना आहत करने के आरोप में बाल संरक्षण गृह में बंद एक किशोर को संरक्षण गृह के भीतर भी यातनाएं झेलनी पड़ीं। बाल संरक्षण गृह के प्रभारी सहित दो अन्य युवकों ने किशोर के दोनों हाथ खिड़की में फंसाकर उसे बेल्ट व प्लास्टिक के पाइप से पीटा। जमानत पर रिहा होने के बाद किशोर ने परिजन को आपबीती बताई। बाल संरक्षण आयोग के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर किया है।
होडल के गांव सराय खटेला निवासी किशोर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया उसके खिलाफ थाना मुण्डकटी पलवल में एक केस दर्ज किया गया था। इसमें उसके ऊपर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे थे। प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड पलवल ने उसे एनआईटी स्थित बाल संरक्षण गृह में भेज दिया। आरोप है कि संरक्षण गृह के प्रभारी को जैसे ही किशोर पर लगे आरोपों के बारे में पता लगा वह भड़क गया।
प्रभारी ने बाल गृह से दो लड़कों को बुलवाया और कहा इसे कमरे में लेकर चलो। आरोपियों ने किशोर के दोनों हाथ खिड़की से बाहर निकाले और दूसरी तरफ जाकर पकड़ लिए। प्रभारी ने किशोर को बेल्ट व एक प्लॉस्टिक के पाइप से करीब 15 मिनट तक पीटा।
इसके बाद प्रभारी ने किशोर को जाति सूचक कहकर नंबरदार नाम के युवक के हवाले कर दिया। आरोपी उसे कमरा नंबर छह में ले गए और दोबारा से पीटा। आरोपी 09 से 11 सितंबर 2023 तक उसे रोजाना पीटते रहे। तीन दिन बाद जमानत पर छूटने के बाद किशोर ने घर जाकर परिजनों को आप बीती बताई। उसके शरीर पर पिटाई के निशान थे। परिवार के लोगों ने उसका मेडिकल कराने के बाद पुलिस को शिकायत दी। कार्रवाई नहीं होने पर परिवार के लोगों ने बाल संरक्षण आयोग में मामले की शिकायत दी। आयोग के आदेश पर एनआईटी थाना पुलिस ने बुधवार रात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।