फरीदाबाद। क्षेत्र के डबुआ थाने में शिकायत लेकर आए पीड़ितों को कमरे के अंदर बंद कर पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर मंगलवार को उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह सीपी कार्यालय पहुंचे परिजनों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद सीपी को शिकायती पत्र सौंप कर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस आयुक्त (सीपी) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुजेसर एसीपी को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद हवलदार उदयवीर पर केस दर्ज कर लाइन हाजिर किया गया है।
कपड़ा कॉलोनी निवासी विनय कुमार ने बताया कि वह मंदिर के प्रधान हैं। चार दिसंबर को मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनके छोटे भाई का साला जयपुर निवासी आकाश भी परिवार के साथ आया था। उसी दिन रात के समय मंदिर के बाहर खड़ी आकाश की क्रेटा कार का शीशा असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया था। पांच दिसंबर को डबुआ थाने में मामले की शिकायत करने पर पुलिस ने 6 दिसंबर को बुलाया था। आरोप है कि 6 दिसंबर की सुबह जब विनय कुमार अपने भाई अविनाश और आकाश को लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस कर्मियों ने शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। आरोप है कि जब वह मामला दर्ज करने को लेकर अड़ गए तो पुलिस कर्मी इसे लेकर भड़क गए और तीनों को कमरे में बंद कर पिटाई शुरू कर दी। मारपीट में विनय का दांत टूट गया और आकाश एवं अविनाश के हाथ और शरीर के अन्य स्थानों पर काफी चोटें आईं।
इस दौरान थाने के बाहर खड़ी कार में बैठे परिवार के अन्य सदस्यों को जब पता चला तो उन लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर एसीपी बड़खल सुखवीर सिंह सुखवीर सिंह पहुंच गए। परिजनों ने एसीपी से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर मंगलवार को सीपी कार्यालय पहुंचे परिजनों ने प्रदर्शन करते हुए आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजन इसे लेकर सीपी से मिले। सीपी ने मामले की जांच मुजेसर एसीपी को सौंपी है। मामले की जांच करने पहुंचे एसीपी दलवीर सिंह ने थाने की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई है। इसके अलावा थाने में मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों से भी उन्होंने स्टेटमेंट लिए। एसीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से घटना की सही जानकारी मिल सकेगी। जांच में जो भी सामने आएगा उसकी रिपोर्ट तैयार कर सीपी को सौंपा जाएगा। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।