परिवार ने नहीं दी शिकायत
हादसे की सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची लेकिन तब तक कार पूरी तरह डूब चुकी थी। क्रेन की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला गया। तब तक सिक्योरिटी सुपरवाइजर की मौत हो चुकी थी। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार को सौंप दिया गया है। परिवार की ओर से कोई शिकायत कार्रवाई के लिए नहीं दी गई है।
सिक्योरिटी एजेंसी में सुपरवाइजर के पद पर नौकरी करते थे योगेश
हादसे में जान गंवाने वाले योगेश डबुआ कॉलोनी के रहने वाले थे। वो नोएडा सेक्टर-63 की सिक्योरिटी एजेंसी में सुपरवाइजर के पद पर नौकरी करते थे। रोज वो अपनी कार से ड्यूटी जाते थे। परिवार में उनकी दो बेटी व पत्नी सुमन हैं। मृतक की पत्नी सुमन को डॉक्टर ने एक सप्ताह बाद डिलीवरी का समय दिया है। ये हादसा सोमवार रात लगभग 11 बजे हुआ।
नोएडा से जा रहे थे फरीदाबाद
योगेश नोएडा फरीदाबाद आ रहे थे। नवीन नगर पुलिस चौकी के पास सामने से आ रहे एक ऑटो को बचाने के चक्कर में उनकी कार नाले की तरफ चली गई। अंधेरा होने के चलते खुला नाला दिखा नहीं और कार नाले में गिर गई।
क्रेन से निकाली गई कार
आस-पास मौजूद लोगों ने कंट्रोल रूम में सूचना दी। सूचना मिलते ही ईआरवी टीम मौके पर पहुंची लेकिन कार नाले में डूब चुकी थी। फिर नवीन नगर चौकी व पल्ला थाना से पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। तुरंत क्रेन बुलाकर कार को निकाला गया। तब तक योगेश की मौत हो गई थी। परिवार को हादसे की सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
अंधेरे की वजह से हुआ हादसा
परिवार ने आरोप लगाया कि नाला खुला है और आस-पास स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। अंधेरे की वजह से नाला दिखा नहीं और कार नाले में गिर गई, जिसके चलते हादसा हुआ। नाले के दोनों तरफ रेलिंग या दीवार भी नहीं है।