जमीनी विवाद में पूर्व सरपंच समेत 12 पर हत्या करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव नीमका में जमीनी विवाद को लेकर शुक्रवार को सीए के सहायक पर फावड़े से हमला कर दिया गया। हमले के दौरान सहायक गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजन घायल को नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से उनको एम्स ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार रात को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया। सदर थाना पुलिस ने पूर्व सरपंच समेत 12 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पड़ताल की जा रही है।
गांव नीमका निवासी हरेंद्र ने बताया कि वह निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। करीब डेढ़ महीने पहले रमेश और बब्बी उर्फ सुरेंद्र व अन्य लोगों ने उनके खेत की नहरी पानी की नाली को जेसीबी की मदद से काट दिया था। जिसके चलते वह खेतों में बुवाई नहीं कर पा रहे थे। शुक्रवार सुबह वह उस नाली को जोड़ने के लिए अपने भाई केवेंद्र (41) पिता जीत सिंह और चचेरे भाई रणमस्त के साथ अपने खेत की नाली बना रहे थे। इस बीच रमेश ,देवेंद्र, टिंकू, केशराम, बब्बे सहित 7 अन्य लोग वहां पहुंचे और गाली गलौज करने लगे। आरोपी उनको धमकाते हुए नाले बनाने को लेकर झगड़ा करने लगे। हरेंद्र के परिवार ने कहा कि उनकी नाली 40-45 साल पुरानी है। वह खेतों की भराई करने के लिए नाली बना रहे हैं। इसी बात पर आरोपियों ने उनसे हाथापाई शुरू कर दी।
आरोपियों ने केवेंद्र को पकड़ लिया और उनके सिर पर फावड़े से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से केवेंद्र बुरी तरह जख्मी हो गए। बाद में वह अचेत हो गए। परिवार ने उनको बचाने के लिए शोर मचाया तो आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। परिजन फौरन केवेंद्र को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां से उनको दिल्ली रेफर कर दिया गया। इलाके के दौरान शुक्रवार रात को केवेंद्र ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर पूर्व सरपंच समेत बाकी आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। प्रभारी उमेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के लिए जगह जगह दबिश दी जा रही है।