कई गांवों में नहीं है सार्वजनिक परिवहन की सुविधा, मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या हुई कम
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव छांयसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आसपास के गांवों में रहने वाले मरीजों के लिए बस सेवा बंद होने पर मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। मरीजों की सुविधा को देखते हुए कुछ समय पहले मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से रोडवेज विभाग को पत्र लिखकर आसपास के गांवों से मेडिकल कॉलेज तक बस चलाने का आग्रह किया गया था। इसके बाद रोडवेज की ओर से एक बस का संचालन शुरू किया गया था।
बस की सुविधा शुरू होने से आसपास के गांवों के मरीज सुबह मेडिकल कॉलेज पहुंच जाते थे और उपचार कराने के बाद शाम को इसी बस से वापस अपने गांव लौट जाते थे। इससे मरीजों, खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को काफी राहत मिल रही थी। बताया जा रहा है कि कुछ महीने तक यह सुविधा सुचारु रूप से चली, लेकिन मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. बी एन वशिष्ठ का तबादला होने के बाद बस का संचालन पूरी तरह बंद हो गया।
बस बंद होने के बाद अब मरीजों को मेडिकल कॉलेज पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। लेकिन कुछ गांव में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं होने की वजह से कई गांवों के मरीज उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नहीं आ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि बस सेवा बंद होने का असर मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों की संख्या पर भी पड़ा है। ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और रोडवेज विभाग से दोबारा बस सेवा शुरू करने की मांग की है, ताकि आसपास के गांवों के मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने में परेशानी न हो।
निदेशक डॉ. देवेंद्र अटल का कहना है कि पहले जिस बस का संचालन किया जाता था वह मरीजों के साथ मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को बीके अस्पताल लाने व ले जाने के लिए भी इस्तेमाल होती थी। अब विद्यार्थी कभी कभार की अस्पताल आते हैं जिस वजह से बस अस्थाई तौर पर सुविधा के अनुसार चलती है।