शहर को अपनी चपेट में ले रहा प्रदूषण, बल्लभगढ़ का एक्यूआई 359 और फरीदाबाद का 343 किया गया दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रदूषण शहर को एक बार फिर अपनी चपेट में ले रहा है। बल्लभगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 के पार चला गया है। इसके बावजूद प्रशासन कोई सख्त कदम नहीं उठा रहा है। वाहनों से निकलता धुआं, उद्योगों से होता उत्सर्जन, शहर में चलता निर्माण कार्य प्रदूषण को हवा दे रहा है। आलम यह है कि औद्यौगिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए सांस लेना भी दूभर होता जा रहा है।
शुक्रवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार बल्लभगढ़ का एक्यूआई 359 दर्ज किया गया। शहर का बल्लभगढ़ क्षेत्र देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया है। वहीं फरीदाबाद का सेक्टर-30 इलाका सबसे अधिक प्रदूषित है। यहां 343 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा एनआईटी का 171 और सेक्टर-30 का 111 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।
बता दें कि औद्योगिक क्षेत्रों से गुजरने पर आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रदूषण की वजह से आसपास के इलाके में हवा बेहद खराब है। इसकी वजह से घरों की खिड़की और दरवाजे ज्यादातर बंद रखने पड़ते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को घर से कम ही निकलने दिया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा शहर में चुनिंदा जगहों पर एंटी स्मॉग गन द्वारा छिड़काव किया जा रहा है। वहीं स्वीपिंग मशीन द्वारा सड़कों से धूल भी हटाई जा रही है। हालांकि प्रदूषण को कम करने का यह तरीका कारगर साबित नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन प्रदूषण को नियंत्रण करने के नाम पर महज खाना पूर्ति कर रहा है।
बता दें कि शहर में बढ़ते प्रदूषण की निगरानी के लिए निगम ने 20 टीमों का गठन किया है। ये टीमें शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और सभी विभाग साथ मिलकर काम कर रहीं हैं। टीम औद्योगिक क्षेत्र पर कड़ी नजर रख रही हैं। निगम की ओर से विभाग ने सख्त आदेश जारी किया है कि कूड़ा जलाने पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इन सबके बावजूद भी प्रदूषण काबू में नहीं आ रहा है।