हवा में घुलते धुएं और धूल के कारण लोगों का खुले में सांस लेना मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। दिल्ली-एनसीआर की तरह अब शहर में भी प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। हवा में घुलते धुएं और धूल के कारण लोगों का खुले में सांस लेना मुश्किल हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ग्रैप लागू होने के बावजूद कई जगहों पर खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है।
इस गंभीर स्थिति पर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। रविवार को एक बार फिर से खुले में कूड़ा जलाने का मामला सामने आया है। एनएच-19 के पास स्थित बघौला गांव के समीप खुले में कूड़ा जलाया जा रहा था। जिले के कई क्षेत्रों में लोग खुलेआम कूड़ा-कचरा जलाकर हवा को और अधिक जहरीला बना रहे हैं। रविवार दोपहर करीब 2 बजे पलवल का प्रदूषण स्तर 217 दर्ज किया गया, जो सामान्य सीमा से कहीं अधिक है। शाम होते ही धुंध और धुएं का असर और बढ़ जाता है, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होती है।
कूड़ा जलाने के मामले
हाल ही में हसनपुर में सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों के बाहर और अनाज मंडी के मार्किट कमेटी कार्यालय के सामने भी सफाई कर्मचारी कूड़े में आग लगाते दिखे थे। वहीं, केसीएम स्कूल के पास और मुख्य बाजार क्षेत्र में भी लोग सुबह दुकानों की सफाई के बाद पालिथीन और कचरा जलाकर प्रदूषण फैला रहे हैं। पलवल शहर में सब्जी मंडी में रात के समय में कूड़े में आग लगाने का मामला कई बार सामने आ चुका है। इसके साथ ही हाल ही में आगरा चौक पर कूड़े में आग लगाने का मामला सामने आया था। इसके बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो नगरपालिका कार्रवाई कर रही है और न ही प्रदूषण विभाग। प्रशासनिक लापरवाही के चलते शहर की हवा दिन प्रतिदिन और ज्यादा जहरीली होती जा रही है।