फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: दो साल के मासूम के फेफड़े में एक हफ्ते तक फंसा रहा रिमोट का बल्ब, जटिल प्रक्रिया से निकाला

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


फरीदाबाद। एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने दो साल के बच्चे के फेफड़े में एक सप्ताह से फंसे टीवी रिमोट के छोटे बल्बनुमा हिस्से को सफलतापूर्वक बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत और तेज आवाज के साथ सांस आने की शिकायत के बाद बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में पता चला कि रिमोट का बल्ब बच्चे के दाहिने फेफड़े की निचली सांस नली में गहराई तक फंसा हुआ था।



जानकारी के अनुसार बच्चे को 11 मई को इमरजेंसी विभाग में लाया गया था। परिवार शुरुआत में इसे सामान्य संक्रमण मानकर स्थानीय बाल रोग विशेषज्ञ से इलाज करा रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर आगे जांच कराई गई। इसी दौरान परिजनों को याद आया कि करीब एक सप्ताह पहले बच्चा टीवी रिमोट के छोटे बल्ब जैसे हिस्से से खेल रहा था और संभव है कि वह गलती से उसके गले में चला गया हो।
विज्ञापन




इसके बाद बच्चे को सेक्टर-88 स्थित अमृता अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि बल्ब सांस की पतली नली में गहराई तक फंसा हुआ है। लंबे समय तक फंसे रहने के कारण वहां सूजन और ग्रैनुलेशन टिश्यू भी बन चुका था।



मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी, एडल्ट पल्मोनोलॉजी, पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से इमरजेंसी ब्रोंकोस्कोपी की। एडवांस ब्रोंकोस्कोपी तकनीक की मदद से डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक बल्ब को बाहर निकाला, जिसके बाद बच्चे की सांस सामान्य हो गई। उपचार के बाद बच्चे को अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विज्ञापन




डॉक्टरों ने कहा कि बच्चों में इस तरह की घटनाएं कुछ ही मिनटों में जानलेवा बन सकती हैं। अचानक खांसी, सांस लेने में तकलीफ या किसी वस्तु के गले में फंसने की आशंका होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें