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Faridabad News: ग्रेटर फरीदाबाद की मास्टर रोड पर बदली जाएंगी टूटी रेलिंग

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कई स्थानों पर सड़क की ओर झुकी रेलिंग से हादसों का रहता है खतरा, काम जल्द होगा शुरू
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद की व्यस्त मास्टर रोड पर ग्रीनबेल्ट के बीच लगी क्षतिग्रस्त लोहे की रेलिंग को जल्द बदला जाएगा। लगातार बढ़ते हादसों के खतरे और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) ने कई स्थानों पर टूटी और झुकी रेलिंग को बदलने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मरम्मत और नई रेलिंग लगाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।

ग्रेटर फरीदाबाद में मास्टर रोड के बीच बने ग्रीनबेल्ट में पेड़-पौधों की सुरक्षा और सड़क पार करने पर रोक लगाने के लिए दोनों ओर लोहे की ग्रिल लगाई गई थीं। समय के साथ कई जगहों पर ये रेलिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कई स्थानों पर वाहन टकराने से ग्रिल मुड़कर सड़क की ओर झुक गई हैं, जिससे खासकर रात के समय दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
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स्थानीय निवासियों के अनुसार मास्टर रोड पर दर्जनों जगहों पर रेलिंग टूट चुकी है। कई स्थानों पर लोहे की ग्रिल सड़क के काफी अंदर तक निकली हुई है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा ज्यादा बना रहता है। रात में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से कई बार चालक अचानक सामने आई रेलिंग से टकराने से बाल-बाल बचे हैं।


बीपीटीपी चौक से वर्ल्ड स्ट्रीट तक सबसे ज्यादा समस्या

मास्टर रोड पर बीपीटीपी चौक से वर्ल्ड स्ट्रीट के बीच स्थिति सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। इस हिस्से में कई जगह रेलिंग पूरी तरह टूटकर नीचे गिर चुकी है जबकि कई स्थानों पर लोहे की ग्रिल टेढ़ी होकर सड़क की तरफ निकल आई है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

करीब ढाई लाख आबादी करती है इस्तेमाल

ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में लगभग 7500 एकड़ में शहरी विकास का काम चल रहा है। यहां 35 से अधिक आवासीय सोसायटियों में करीब ढाई लाख लोग रह रहे हैं। इसके अलावा आसपास के करीब 19 गांवों के लोग भी रोजाना इस मार्ग का उपयोग करते हैं। लगभग 45 किलोमीटर लंबी मास्टर रोड ग्रेटर फरीदाबाद की प्रमुख कनेक्टिविटी मानी जाती है, जिस पर हर समय वाहनों की आवाजाही रहती है।

पौधों की सुरक्षा के लिए लगाई गई थीं रेलिंग

ग्रीनबेल्ट में लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने और आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए अथॉरिटी ने रेलिंग लगवाई थी। इसके साथ ही सड़क पार करने पर रोक लगाकर ट्रैफिक को नियंत्रित करने का भी उद्देश्य था। लेकिन समय के साथ कई हिस्सों में रेलिंग टूटने से यह व्यवस्था कमजोर पड़ गई।
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एफएमडीए के चीफ इंजीनियर रमेश शर्मा ने बताया कि ग्रेटर फरीदाबाद में ग्रीनबेल्ट के कई हिस्सों में नई रेलिंग लगाने का काम चल रहा है। इसी ठेके के तहत क्षतिग्रस्त रेलिंग को भी बदला जाएगा। मरम्मत का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा ताकि सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सके।
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