सेक्टर-10 की डिवाइडिंग रोड पर 90 से ज्यादा अवैध ढांचे दो दिन में हटाए, आगे भी सख्ती के संकेत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। रिहायशी क्षेत्रों में नियमों को दरकिनार कर दोबारा शुरू की गई व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सेक्टर-10 में लगातार दूसरे दिन भी व्यापक कार्रवाई की। पहले से सील की गई संपत्तियों को दोबारा खोलने और अवैध ढांचे खड़े करने वालों के खिलाफ चलाए गए अभियान में गुरुवार को 40 से अधिक निर्माण तोड़े गए।
नगर निगम की यह कार्रवाई सिर्फ अवैध कब्जे हटाने तक सीमित नहीं रही बल्कि उन लोगों पर भी सीधा संदेश रही जिन्होंने पहले हुई सीलिंग के बावजूद नियमों की अनदेखी की। टीम ने सड़क किनारे बनाए गए गेट, शटर और अस्थायी ढांचों को जेसीबी की मदद से हटाया जिससे पूरे इलाके में दिनभर हलचल बनी रही।
तीन साल पुरानी कार्रवाई के बाद फिर बढ़ीं अनियमितताएंनिगम अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-9, 10, 11 और 12 की डिवाइडिंग सड़कों पर हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद करीब तीन साल पहले अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी। उस समय कई संपत्तियों को सील किया गया था लेकिन बाद में कुछ लोगों ने सील तोड़कर दोबारा व्यवसाय शुरू कर दिया। हालिया जांच में यही उल्लंघन दोबारा सामने आने पर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू की।
दो दिन में 90 से ज्यादा ढांचों पर कार्रवाईबुधवार को अभियान के पहले दिन 50 से 60 स्थानों पर कार्रवाई की गई थी, जबकि दूसरे दिन इसका दायरा बढ़ाकर 40 से अधिक अवैध निर्माणों को हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित करने तक अभियान जारी रहेगा।
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाईकार्रवाई के दौरान किसी तरह की बाधा न आए इसके लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में अनिल कुमार ने निगरानी संभाली जबकि संयुक्त आयुक्त राजेश प्रजापति, एसडीओ हितेश दहिया सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
निगम की चेतावनी- अब नहीं चलेगा उल्लंघनसंयुक्त आयुक्त राजेश प्रजापति ने स्पष्ट किया कि रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को किसी भी सूरत में अनुमति नहीं दी जाएगी। जिन लोगों ने सील तोड़ी है, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
निगमायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की जांच और कार्रवाई होगी। उनका कहना है कि शहरी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अब नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाए जाएंगे ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।