फरीदाबाद। रविवार सुबह हुए हमले में घायल पावटा गांव निवासी दूधिया अंकित की उपचार के दौरान बुधवार को मौत हो गई। हमले के चार दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने उसके शव को बीके सिविल अस्पताल चौक पर रखकर जाम लगा दिया। साथ ही पुलिस विरोधी नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। बाद में मौके पर पहुंचे एसीपी मुजेसर दलबीर सिंह के आश्वासन पर परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को राजी हुए।
गांव पावटा निवासी अंकित (24) का उसके गांव के ही अभिषेक से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के कारण अभिषेक ने अपने दोस्तों कुलदीप, निक्के, सुनील, कालू और जयराज समेत अन्य के साथ मिलकर उसको रविवार को गौंछी में लाल कोठी के पास घेर लिया। उस समय वह बल्लभगढ़ दूध बेचने जा रहा था। इसके बाद लाठी-डंडों और चाकू से उसको घायल कर आरोपी मौके से फरार हो गए। इस दौरान वे अंकित से 20 हजार रुपये भी लूट ले गए थे। इसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अवस्था में उसको बीके सिविल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। जहां से उसे एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। बुधवार सुबह उपचार के दौरान अंकित की मौत हो गई। इस पर नाराज परिजनों ने शव को बीके चौक पर रख दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। सूचना मिलने मुजेसर थाना प्रभारी निरीक्षक सुदीप सहित आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे नहीं माने। इस दौरान हार्डवेयर चौक से आने वाले यातायात को नीलम चौक की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसीपी दलबीर सिंह ने लोगों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जाम खोला।
शिकायत के बाद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
इस मामले में खाकी पर एक बार फिर लापरवाही के दाग लगे हैं। अंकित के भाई अनिल और रविंद्र ने आरोप लगाया है कि शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर अपना काम पूरा कर लिया। मामले के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की जहमत नहीं उठाई। अंकित की मौत के बाद उनके परिजन का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने शव को रख कर हंगामा करना शुरू कर दिया।
एसीपी ने शिकायत लेकर दिया कार्रवाई का आश्वासन
बीके अस्पताल चौक पर शव रख कर धरना-प्रदर्शन की सूचना पाकर पहुंचे एसीपी मुजेसर दलबीर सिंह ने अंकित के परिजन से शिकायत लेकर मामले में आरोपियों के जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज कर आवागमन सुचारु रूप से शुरू कराया।