बर्ड फ्लू : एनआईटी पांच में पांच बगुले मरे मिले
फरीदाबाद। एनआईटी 4-5 चौक स्थित मीट मार्केट के पास रविवार को पांच बगुले मरे मिले। इससे आसपास के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। वहीं पशु पालन और वाइल्ड लाइफ विभाग अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। हालांकि कि अधिकारियों ने बर्ड फ्लू जैसे किसी भी प्रकार की बीमारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मरे हुए पशु पक्षियों को लेकर नियमित रूप से सैंपलिंग अभियान चलाया जाएगा।
बर्ड फ्लू को लेकर कई राज्यों में खलबली मची हुई है। जिले में दो दिन से लगातार मरे हुए पक्षी मिलने से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। बृहस्पतिवार को एनआईटी 4-5 चौक पर दो बगुला और एक चील मरे पाए गए थे। रविवार को भी इस क्षेत्र में पांच बगुला मरे मिले। पक्षी मरे मिलने की सूचना मिलने पर पशु पालन विभाग अधिकारी हैरत में हैं। उनका कहना है कि जिले में बीते दिनों इस तरह के एरिया चिह्नित कर 80 सैंपल लिए गए थे। इनमें से किसी भी सैंपल की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पक्षियों की लगातार हो रही मौत से खतरे की आशंका लगती है, सोमवार को इस मामले में जांच की बात भी अधिकारियों ने की है। जिले में गांव धौज और बड़खल सहित आठ छोटे-बड़े पोल्ट्री फार्म है। इन सभी जगहों पर करीब 20 हजार मुर्गियों का पालन होता है। यहां से मुर्गी और अंडे की सप्लाई होती है, जिसके बाद इन्हें खुदरा बाजार में बेचा जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही लोगों पर भी भारी पड़ सकती है।
यहां करें शिकायत
जिले में कहीं भी मरे हुए पशु-पक्षी मिलते हैं। इसे नजरअंदाज न करें। इसकी जानकारी तुरंत वाइल्ड लाइफ विभाग अधिकारी चरण सिंह को दें। शिकायत के लिए 9588132134 पर संपर्क किया जा सकता है।
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बर्ड फ्लू के लक्षण
- सांस लेने में तकलीफ होना
- तेज बुखार, सिर दर्द होना
- जी मिचलना, पेट दर्द, उल्टी होना
- बदन या मांसपेशियों में दर्द
- डायरिया, बेचैनी
इंसान से इंसान में बर्ड फ्लू के ट्रांसमिशन का जोखिम कम है, मगर पक्षियों के संपर्क में न आए। पक्षी को उड़ने में दिक्कत हो रही हो, सांस लेने में तकलीफ हो या आंखों से आंसू आ रहे हो तो इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें। तुरंत इसकी सूचना पशु पालन अधिकारी को दें। कच्चे मीट का सेवन करने से बचें। उबाल कर खाने की जगह अच्छे पका कर खाएं।
- डॉ. अनिल पांडे, एकेडमिक रजिस्ट्रार, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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पक्षियों के मरने की वजह ठंड भी हो सकती है। इन दिनों ठंड की वजह से पक्षी काफी मरते हैं। बर्ड फ्लू का खतरा अभी जिले में नहीं है। पोल्ट्री फार्मों संचालकों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के आदेश जारी किए गए है। बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पोल्ट्री फार्म में पूरी तरह रोक है। क्षेत्र में ठंड व अन्य किसी कारण से यदि मुर्गियों के बीमार होने व मरने का मामला सामने आता है तो पशु चिकित्सक को देनी होगी।
- नीलम आर्य, उप निदेशक, पशु पालन विभाग