फरीदाबाद। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए नए सिरे से योजना तैयार की है। योजना के तहत सभी सबडिवीजन अधिकारियों को हर महीने एक करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ने के आदेश दिए हैं। इससे जहां बिजली चोरी पर रोक लगेगी, वहीं विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा।
जिले में बिजली चोरों की धरपकड़ लगातार जारी है। इसके बावजूद चोरी के मामलों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शहर में लाइनलॉस बढ़ रहा है। फीडर और ट्रांसफार्मर ओवरलोडेड चल रहे है। इस कारण लोगों को अघोषित बिजली कटौती से जूझना पड़ता है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अगर किसी क्षेत्र में 200 घर है और 150 ने विभाग से कनेक्शन ले रखे हैं। कनेक्शनों के आधार पर उस क्षेत्र में 200 केवीए लोड के ट्रांसफार्मर लगा दिया जाता है। ऐसे में अगर अन्य उपभोक्ता चोरी से बिजली जलाते है और घरों में एसी, कूलर आदि का इस्तेमाल करते हैं तो इसका सीधा प्रभाव संबंधित ट्रांसफार्मर पर पड़ता है। ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड पड़ने के कारण फाल्ट और ब्रेकडाउन होते हैं। जिस की वजह से आये दिन लोगों को परेशानी होती है। बिजली निगम ने शहर के प्रत्येक क्षेत्र में बिजली चोरी पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाई है। जिले में करीब 19 सबडिवीजन और चार डिवीजन है। प्रत्येक सबडिविजन से चार कर्मचारियों की ड्यूटी चोरी पकड़ने पर लगाई गई है।
विजिलेंस और बिजली थाने की ली जाएगी मदद
बिजली चोरी को रोकने के लिए विजिलेंस और बिजली एवं सिंचाई थाना पुलिस की भी मदद ली जाएगी। इसके लिए पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। पुलिस और विजिलेंस की टीमें 24 घंटे गश्त पर रहेंगी।
बिजली चोरी में छह महीने की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। लोगों से बार-बार बिजली चोरी नहीं करने की अपील की जा रही है। इसलिए प्रत्येक सबडिवीजन को हर महीने एक करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ने क निर्देश दिए गए है।
- नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम