सोसाइटियों ने जताया था ऐतराज, सेव अरावली संस्था ने दायर की याचिका, उपायुक्त ने बनाई जांच कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से बंधवाड़ी में कचरे के पहाड़ को खत्म करने के आदेश के बाद नगर निगम के कर्मियों ने रिहायशी इलाकों में जहां-तहां खाली प्लाटों में कूड़ा डंप करना शुरू कर दिया है। इससे जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए है। इसे लेकर पिछले दिनों लोगों ने नगर निगम अधिकारियों से शिकायत भी की थी। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
औद्योगिक नगरी में रोजाना करीब 850 टन कचरा निकलता है। ऐसे में अनुपचारित कचरे का एक बड़ा हिस्सा या तो खुले में फेंक दिया जाता है या अलग नहीं किया जाता है। शहर में 800 से अधिक होटल, रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल हैं। इनमें काफी मात्रा में कचरा निकलता है। नगर निगम की ओर से सभी संस्थानों को भारी मात्रा में निकलने वाले कचरे का निष्पादन करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन अधिकांश इकाइयों में या तो आवश्यक मशीनरी स्थापित नहीं है या उपकरण ठीक से काम नहीं करते हैं। कोई भी संस्थान या इकाई जो प्रतिदिन 50 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करती है, उसे स्वच्छ भारत मिशन के तहत जारी नियमों के अनुसार अपने स्तर पर इसके निष्पादन करने के लिए मशीनरी स्थापित करनी है, लेकिन ऐसा न करके होटल और रेस्त्रां संचालक इसे आसपास के खाली प्लाटों में फेंक रहे हैं।
पिछले दिनों सेव अरावली संस्था, सैनिक कॉलोनी के लोगों ने कूड़े की समस्या को लेकर उपायुक्त विक्रम सिंह को शिकायत दी थी। संस्था के जितेंद्र भड़ाना ने जिसमें उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने फरीदाबाद और गुरुग्राम नगर निगम को कूड़े के पहाड़ को खत्म करने का नोटिस दिया है और 30 जून को इस मामले में सुनवाई होनी है। आरोप है कि ऐसे में नगर निगम ने शहर के विभिन्न इलाकों से निकलने वाले कूड़े के ढेरों को बंधवाड़ी न पहुंचा कर खाली प्लाटों में डालना शुरू कर दिया गया। शिकायतें मिलने पर जिला उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए एक कमेटी बना कर पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है, ताकि पता चल सके कि बंधवाड़ी का कचरा आवासीय क्षेत्र में कैसे पहुंच रहा है। कमेटी में संयुक्त आयुक्त एनआइटी नगर निगम, एसडीएम और एसीपी एनआइटी को शामिल किया गया है।
होटल और रेस्त्रां संचालक भी नहीं कर रहे नियमों का पालन
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की सख्ती के बाद नगर निगम ने बल्क वेस्ट पैदा करने वाले होटल और रेस्त्रां संचालकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम ने दो दिन के भीतर चार होटल संचालकों पर कार्रवाई करते हुए 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। बृहस्पतिवार को सागर रत्ना और ओम स्वीट पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया था। शुक्रवार को सूरजकुंड रोड स्थित एनटीवी वरदान बैंक्वेट हाल व सरोवर पोर्टिको होटल पर जुर्माना लगाया गया। नोटिस के बावजूद कचरा निस्तारण को लेकर दोनों होटल संचालकों ने कोई उपाय नहीं किया। निगम ने 564 होटल रेस्त्रां को चिन्हित किया है। इन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस का नहीं दिया जवाब
स्वच्छ भारत मिशन के एसडीओ सुरेंद्र खट्टर ने बताया कि शहर में किए गए सर्वे के अनुसार 564 बल्क वेस्ट पैदा करने वाले संस्थान है। इन्हें नगर निगम की तरफ से नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब देने के लिए निगम ने एक महीने का समय दिया था, लेकिन किसी भी होटल संचालक की ओर से नोटिस का जवाब नहीं आया। इसलिए जुर्माने की कार्रवाई शुरू की गई है।
बंधवाड़ी में कचरे के पहाड़ खत्म करने का काम किया जा रहा है। इसलिए सभी होटल और रेस्त्रां संचालकों को आदेश दिए है कि उनके यहां से निकलने वाले कचरे का वह स्वयं मशीन लगाकर निस्तारण करें। इससे बल्क वेस्ट कम करने में सहायता मिलेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
-पदम भूषण, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम