संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-62 निवासी बैंक प्रबंधक सतीश के अपहरण मामले में पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ती हुई शिमला तक जा पहुंची है। मुख्य आरोपी भुपेंद्र के साथी रविंद्र की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन वह अभी भी गिरफ्त से बाहर है। 21 अप्रैल की रात दो बजे आरोपी भुपेंद्र व रविंद्र ने घर में घुसकर बैंक प्रबंधक का अपहरण कर लिया था। आरोपी रविंद्र ने फिरौती की रकम मांगने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर शिमला की खाई में फेंक दिया था। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने आरोपी भुपेंद्र और उसकी पत्नी रिशिता को गिरफ्तार कर लिया था। पत्नी को अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। भूपेंद्र को पांच दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी तक पुलिस ने शिमला और बिलासपुर स्थित पेट्रोल पंप की सीसीटीवी फुटेज बरामद की है। यहां से गाड़ी में पेट्रोल डलवाया गया था। पैसे का भुगतान बैंक प्रबंधक सतीश के कार्ड से ही किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी रविंद्र ने फोन पर पचास लाख की फिरौती मांगने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर खाई में फेंक दिया था। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
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यह है मामला
21 अप्रैल को सेक्टर-62 निवासी बैंक प्रबंधक सतीश कुमार का उनके ही पूर्व किरायेदार भूपेंद्र व उसके साथी रविंद्र ने हथियार के बल पर घर से अपहरण कर लिया था। क्राइम ब्रांच सेक्टर तीस ने पूर्व किरायेदार दंपती भूपेंद्र और रिशिता के चंगुल से सतीश को छुड़ाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से फिरौती के रूप में दिए गए चार लाख रुपये, घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी और तमंचा बरामद कर लिया है। आरोपियों ने अपहरण कर परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। सतीश दिल्ली के आईसीआईसीआई बैंक में प्रबंधक के पद तक कार्यरत हैं। सतीश की पत्नी गृह मंत्रालय में वैज्ञानिक हैं और सतीश के पिता भी दिल्ली बिजली बोर्ड में अधिकारी हैं। 21 अप्रैल की रात करीब दो बजे सतीश गुरुग्राम से किसी मित्र के घर से वापस घर आया था। इस दौरान घर पर सतीश की पत्नी और दोस्त अमित थे। इसी दौरान भूपेंद्र और उसका साथी रविंद्र नकाब लगाकर उसके घर में घुसे। आरोपियों ने अमित पर हथौड़े से वार किया और सतीश की नाक पर तमंचे से हमला कर उन्हीं गाड़ी में डालकर ले गए।