साड़ी पर चांदी की जरी से किया गया है काम
भारती दुबे
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में बनारस से मुकुंद लाल मौर्य बनारसी साड़ियां लेकर पहुंचे हैं। मुकुंद लाल मेले में चांदी की जरी से बनी डेढ़ लाख की साड़ी लेकर पहुंचे हैं। महिलाएं उनकी बनारसी साड़ियों की दीवानी हो रही हैं। मुकुंद लाल राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय अवार्ड से भी सम्मानित किए जा चुके हैं।
मुकुंद लाल मौर्य का कहना है कि वह बीस वर्षों से मेले में आ रहे हैं। इस बार मुकुंद लाल 1,50,000 की साड़ी लाए हैं जिसमें चांदी की जरी लगाई गई है। साड़ी पर बनारस की प्रसिद्ध कला और कलरफुल प्रिंट किया गया हैं। जिससे साड़ी देखने में बेहद ही सुंदर लग रही है। पूरी साड़ी में चांदी से काम किया गया है। उन्हें 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रीय अवार्ड मिल चुका है। इससे पहले उन्हें राज्य स्तरीय अवार्ड भी मिल चुका है। उनके पास 12,000 रुपये से लेकर 1,50,000 रुपये तक की साड़ियां हैं। बनारस में मुकुंद लाल सभी साड़ियां खुद बनाते हैं। उन्होंने सौ कारीगरों को रोजगार भी दिया हुआ है। कारीगर साड़ी, सूट और शॉल पर बनारस के प्रसिद्ध डिजाइन बनाकर उन्हें नया रंग रूप देते हैं । उनका यह काम पीढ़ियों से चलता आ रहा है। उनके पिता और दादा भी यही कार्य करते थे। वे हर साल मेले में आना चाहते हैं।