कोर्ट ने शर्त पर बिजली आपूर्ति जारी रखने के दिए आदेश
25 प्रतिशत आकलन राशि जमा करना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बिजली चोरी के आरोप में करीब 80 लाख रुपये की मांग को लेकर चल रहे विवाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत ने उपभोक्ता मोहम्मद फारूक को राहत दी है। अदालत ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) को उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन काटने से रोक दिया है। हालांकि, कोर्ट ने अंतरिम राहत के तौर पर 79,97,871 रुपये की आकलन राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा एक महीने के भीतर जमा कराने की शर्त रखी है।
20 अप्रैल 2023 को बिजली निगम की टीम ने उपभोक्ता के परिसर में छापे मारकर बिजली चोरी की रिपोर्ट बनाई थी और 80 लाख रुपये का आकलन व 11 लाख रुपये का कंपाउंडिंग नोटिस थमा दिया था। इसके बाद उपभोक्ता की शिकायत पर मुख्य अभियंता द्वारा गठित विशेष जांच समिति ने 26 जून 2023 की रिपोर्ट में माना कि बिजली चोरी का कोई अपराध नहीं हुआ है। इसके बाद नया मीटर लगाकर कनेक्शन बहाल कर दिया गया, लेकिन निगम फिर भी 80 लाख रुपये की मांग पर अड़ा रहा।निगम द्वारा दोबारा कनेक्शन काटने की आशंका पर उपभोक्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि बिजली एक बुनियादी सुविधा है। जांच समिति की रिपोर्ट उपभोक्ता के पक्ष में होने का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि 25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर बिजली आपूर्ति जारी रखी जाए।