1.50 करोड़ रुपये की दोहरी परियोजना के तहत सौंदर्यीकरण किया जाएगा, सिंचाई की स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम ने बल्लभगढ़ के पार्कों और ग्रीनबेल्ट क्षेत्रों के कायाकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। करीब 1.50 करोड़ रुपये की दोहरी परियोजना के तहत न केवल पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा बल्कि हरियाली बनाए रखने के लिए सिंचाई की स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
नगर निगम की यह योजना शहर की हरियाली और नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इन दो परियोजनाओं के तहत पार्कों की सुंदरता और उपयोगिता में सुधार लाने के साथ-साथ चार ट्यूबवेल लगाए जाएंगे जो सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेंगे।
जर्जर हाल में हैं कई पार्क
फिलहाल शहर के कई पार्कों की हालत खराब है, जिससे वहां आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यायाम, टहलने और बैठने की उचित सुविधाएं न होने के कारण पार्कों में लोगों की आवाजाही लगातार कम हो रही है। इन समस्याओं को देखते हुए निगम ने सौंदर्यीकरण और सिंचाई की दोहरी परियोजना पर काम शुरू कर दिया है।
पार्कों में ये कार्य किए जाएंगे
एसजी पार्क, एसएल पार्क, एसए पार्क और भगत सिंह कॉलोनी के पार्क सहित अन्य क्षेत्रों के पार्कों में मरम्मत और हरियाली बढ़ाने के कार्य होंगे। नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी
पेवर ब्लॉक और वॉकवे : पार्कों में सुदृढ़ वॉकवे बनाए जाएंगे, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को आसानी होगी।
बैठने और पेयजल की व्यवस्था : जगह-जगह आरामदायक बेंच और साफ पानी की व्यवस्था की जाएगी।
लैंडस्केपिंग और बागवानी : सजावटी पौधे व रंग-बिरंगे फूलों से पार्कों की सुंदरता निखरेगी।
बच्चों के लिए खेल उपकरण : आधुनिक और सुरक्षित झूले व खेल के मैदान तैयार किए जाएंगे।
प्रकाश और स्वच्छता : सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और रात में पर्याप्त प्रकाश की सुविधा होगी।
पौधों के लिए पानी की नहीं होगी कमी
दाना पानी पार्क और आसपास की ग्रीन बेल्ट में रिवर्स रोटरी तकनीक से चार ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इससे पौधों और पेड़ों को समय पर पानी मिलेगा और हरियाली को बनाए रखने में मदद मिलेगी। अभी तक समय पर पानी व खाद न मिलने के कारण कई पौधे सूख जाते थे। यह ट्यूबवेल एक स्थायी और विश्वसनीय जल स्रोत सुनिश्चित करेंगे। इस काम में करीब 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
हरियाली और स्वास्थ्य दोनों को लाभ
इन योजनाओं के क्रियान्वयन से न सिर्फ पर्यावरण में सुधार होगा, बल्कि वायु प्रदूषण में कमी और हवा की गुणवत्ता में सुधार भी देखने को मिलेगा। नागरिकों को ताजी हवा में टहलने और व्यायाम करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा।
नगर निगम शहर को हरित क्षेत्र में बदलने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। इन योजनाओं से नागरिकों को जल्द ही प्रत्यक्ष लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।- हरीश कुमार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम