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Faridabad News: सीसीटीवी फुटेज में मौजूदगी के आधार पर जमानत याचिका खारिज

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67 वर्षीय व्यक्ति के लिए एक चोट भी खतरनाक : अदालत
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं अवकाशकालीन न्यायाधीश के.पी. सिंह की अदालत ने सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की मौजूदगी सामने आने और 67 वर्षीय घायल नरेंद्र शर्मा की एक चोट को जान के लिए खतरनाक पाए जाने के आधार पर आरोपी रवि की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोप गंभीर प्रकृति के हैं।

मामला 12 मई को थाना तिगांव में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। शिकायतकर्ता सतेंद्र शर्मा के अनुसार वह आटा खरीदकर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। रास्ते में रितिक अपने कुछ साथियों के साथ खड़ा मिला। बातचीत के दौरान विवाद हो गया और रितिक ने उसके साथ मारपीट की। बाद में शिकायत की जानकारी मिलने पर सतेंद्र शर्मा के पिता और चाचा नरेंद्र शर्मा आरोपियों के घर पहुंचे, जहां रवि, रितिक और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
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घटना में सतेंद्र शर्मा को एक चोट लगी, जबकि उनके चाचा नरेंद्र शर्मा को तीन चोटें आईं। अदालत के आदेश के अनुसार मेडिकल अधिकारी ने दो मई की राय में नरेंद्र शर्मा की दूसरी चोट को जीवन के लिए खतरनाक घोषित किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि रवि 14 मई 2026 से जेल में है और उसके खिलाफ कोई विशिष्ट भूमिका नहीं बताई गई है। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता और उसके चाचा के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की घटनास्थल पर मौजूदगी स्पष्ट होती है। साथ ही घायल नरेंद्र शर्मा वरिष्ठ नागरिक हैं और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने 19 जून को रवि की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।
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