5 हजार में खाता बेचने वाले की याचिका खारिज
साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ में 7 जनवरी 2025 को दर्ज हुई थी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर ठगी के लिए एसएचओ बनकर कॉल करने के आरोप में पकड़े गए पटौदी निवासी सुमित को जिला अदालत से जमानत मिल गई है। वहीं 1.20 लाख रुपये की ठगी के लिए 5 हजार रुपये कमिशन के लालच में अपना बैंक खाता देने वाले गौतमबुद्धनगर निवासी मोहित की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है।
साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ में ये एफआईआर 7 जनवरी 2025 को दर्ज हुई थी। गांव मच्छगर निवासी व्यक्ति ने शिकायत में बताया था कि एक अंजान नंबर से उन्हें कॉल आई थ्री। कॉल करने वाले ने खुद को सेक्टर-58 थाने का एसएचओ बताया। उसने कहा कि आपने सरकारी कंपनी से दवा ऑर्डर की थी जिसकी डिलीवरी नहीं ली। कंपनी ने आपके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। फिर क्यूआर कोड भेजकर 1,20,210 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया।
इनमें गुरुग्राम के पटौदी निवासी सुमित को गुरुग्राम से, गौतमबुद्धनगर निवासी सोनिंद्र भाटी को नोएडा से व रवि को गुरुग्राम से काबू किया गया है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि सोनिंद्र भाटी व सुमित नोएडा की एक मॉडलिंग कंपनी में कैमरामैन व मैनेजर के तौर पर कार्यरत थे। रवि व सुमित कुछ साल पहले दवा कंपनी के सेल्स विंग में काम करते थे। वहीं से इन्होंने कॉलिंग का काम सीखा था। सोनिंद्र भाटी से पूछताछ के बाद खाताधारक मोहित को भी गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 1.20 लाख रुपये की ठगी के बाद उसे 1.80 लाख रुपये देकर समझौता कर लिया है। सुमित की जमानत याचिका दायर कर ये तथ्य अदालत के समक्ष बताया गया। मामले में सुमित की जमानत याचिका मंजूर हो गई है जबकि मोहित की जमानत याचिका खारिज हो गई है।