फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: फिर संवरने लगी बड़खल झील, यमुना की तर्ज पर हो रही सफाई

विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम और पर्यटन विभाग कर रहा संयुक्त प्रयास, झील से जलकुंभी को हटाया जा रहा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले की शान रही बड़खल झील एक बार फिर से पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बनाने जा रही है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार रही यह झील अब नगर निगम और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से संवरने लगी है। निगम ने झील की सफाई का कार्य तेज कर दिया है और इसे यमुना नदी की तर्ज पर आधुनिक तकनीक के जरिये पुनर्जीवित किया जा रहा है।
नगर निगम के कार्यकारी अभियंता नितिन कादियान ने जानकारी दी कि झील की सफाई के लिए विशेष मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही मशीन दिल्ली में यमुना नदी की सफाई के लिए भी उपयोग में लाई जा रही है। इस मशीन की मदद से झील में फैली जलकुंभी को हटाया जा रहा है। सफाई कार्य में करीब दो महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 25 लाख रुपये की लागत आएगी। आपको बताते चलें कि झील की सतह पर पत्थर और ग्रिल लगाने का काम पूरा हो चुका है। अब पानी को स्वच्छ करने की जिम्मेदारी निगम ने उठाई है, जबकि पर्यटन संबंधी सौंदर्यीकरण का कार्य पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा है।
विज्ञापन

बड़खल झील हरियाणा सहित कई राज्यों के पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र रही है। यह पिछले कई साल से प्रदूषण और जलभराव की समस्या झेल रही है। झील का प्राकृतिक सौंदर्य जलकुंभी और गंदगी की परतों के कारण मंद पड़ गया था। इस कारण न केवल झील की सुंदरता प्रभावित हो रही थी बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी लगातार घटती जा रही है।
अब जब सफाई अभियान शुरू हुआ है तो लोगों में फिर से उम्मीद जगी है कि झील की पुरानी रौनक वापस आ जाएगी। नगर निगम का दावा है कि सफाई पूरी होने के बाद झील का पानी काफी हद तक स्वच्छ हो जाएगा। झील का वातावरण पर्यटन के लिए अनुकूल बन जाएगा।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बड़खल झील का महत्व केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। झील के आसपास होटल, रेस्टोरेंट और छोटे-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
विज्ञापन

निगम और पर्यटन विभाग दोनों ही इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर हैं। अधिकारियों का कहना है कि बड़खल झील की सफाई और सौंदर्यीकरण का काम पूरा होने के बाद इसे एक मॉडल झील के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही झील को प्रदूषण से बचाने के लिए दीर्घकालिक प्रबंधन योजना भी तैयार की जाएगी ताकि भविष्य में इसकी स्थिति दोबारा खराब न हो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें