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Faridabad News: ओपीडी और इमरजेंसी के बाहर खड़े रहते हैं ऑटो, मरीजों को परेशानी

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ईएसआईसी अस्पताल में ऑटो चालकों की मनमानी, ओपीडी और इमरजेंसी के बाहर जमता है अड्डा। ईएसआईसी अस्प
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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित, सुरक्षा गार्ड नहीं करते कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ऑटो चालकों की मनमानी मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। अस्पताल की ओपीडी और आपातकालीन विभाग के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने ही चालक सवारियां बैठाने और उतारने के लिए ऑटो खड़े कर देते हैं। इससे मरीजों, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की आवाजाही प्रभावित होती है, जबकि सुरक्षा गार्ड यह सब देखकर भी कार्रवाई नहीं करते।

अस्पताल में प्रतिदिन हजारों मरीज पहुंचते हैं। ओपीडी और इमरजेंसी के बाहर ऑटो खड़े रहने से कई बार रास्ता संकरा हो जाता है। गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को भी प्रवेश करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल परिसर में कई बार ऑटो चालकों की भीड़ और आवाजाही के कारण अव्यवस्था का माहौल बना रहता है।
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अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि सुरक्षा गार्ड मौके पर मौजूद रहते हैं, लेकिन ऑटो चालकों को हटाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाते। नतीजतन, ओपीडी और इमरजेंसी के बाहर अनौपचारिक ऑटो स्टैंड जैसी स्थिति बनी रहती है।

सेक्टर-58 निवासी सुमित ने बताया कि वह अपनी बुजुर्ग मां को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे। ओपीडी के बाहर ऑटो खड़े होने से व्हीलचेयर निकालने में काफी परेशानी हुई। उनका कहना था कि अस्पताल के मुख्य प्रवेश मार्ग पर हर समय वाहन खड़े रहने से मरीजों को अनावश्यक दिक्कत उठानी पड़ती है। वहीं, पल्ला निवासी विमला झा ने बताया कि इमरजेंसी के सामने ऑटो चालकों की भीड़ लगी रहती है। कई बार मरीजों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर लेकर निकलने के लिए रास्ता नहीं मिल पाता।
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सुरक्षा गार्डों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अनधिकृत या निजी वाहन को अस्पताल के प्रवेश मार्ग या संवेदनशील स्थानों पर खड़ा नहीं होने दिया जाए। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन होता है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय, डीन
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