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Faridabad News: परिवहन मंत्री के कार्यालय पर आज प्रदर्शन करेंगे आशा वर्कर

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अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। आशा वर्कर की आठ अगस्त से शुरू हुई हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल आशा वर्कर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करने, इंसेंटिव की कटौती की गई पचास प्रतिशत राशि को बहाल करने, ईपीएफ एवं ईएसआई की सुविधा देने आदि मांगों को लेकर की जा रही है। उनका कहना हैं कि आशा वर्कर की मांगों एवं समस्याओं के प्रति सरकार उपेक्षा कर रही है।
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आशा वर्कर यूनियन के बैनर तले हड़ताली आशा वर्कर्स ने डीसी ऑफिस के सामने धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान हेमलता व महासचिव सुधा ने ऐलान किया की 12 अगस्त को परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा के सेक्टर 8 आफिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। शुक्रवार को हड़ताली कर्मचारियों के बीच आशा वर्कर यूनियन की महासचिव सुनीता, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा, सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर व महासचिव वीरेंद्र डंगवाल आदि पहुंचे और आशा वर्करों को संबोधित किया। अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि अगर आशा वर्कर की मांगों का शीध्र समाधान कर हड़ताल समाप्त नहीं करवाई तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। राज्य महासचिव सुनीता भी हड़ताली आशा वर्कर की बीच पहुंची और संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर की मांगों एवं समस्याओं के प्रति सरकार व विभाग के घोर उपेक्षापूर्ण रवैए के कारण हड़ताल 17 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। जब तक मांगों का समाधान नहीं होगा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार अनाप-शनाप बयानबाजी की जा रही है। विभाग की तरफ से झूठ बोला जा रहा है कि आशा वर्कर को 19000 मानदेय दिया जाता है। वास्तव में आशा वर्कर को केवल 4000 फिक्स और कुछ इंसेंटिव्स दिए जाते हैं। जो एवरेज में प्रति वर्कर 8000 के आसपास बनते हैं। सरकारी कामों को अंजाम तक पहुंचाने में ही आशा के लगभग 2500 किराए में खर्च हो जाते हैं। जबकि, सरकार आशा वर्करों से ऑनलाइन ऑफलाइन फील्ड वर्क तीन तरह से काम करने का दबाव सरकार बनाए हुए हैं। वर्तमान में आशा वर्कर्स स्वास्थ्य विभाग और सरकार की धमकियों से परेशान है। 2018 के बाद आशाओं के काम लगातार कई गुना बढ़ा दिए गए हैं। परंतु आशाओं के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। वर्ष 2018 के बाद महंगाई भी दोगुनी हो गई है। इस मौके पर प्रधान हेमलता, सचिव सुधा, उपप्रधान सुशीला चौधरी, रेखा शर्मा, पूजा गुप्ता, शाहीन परवीन, चंद्रप्रभा, माया, संगीता और कैशियर नीलम जोशी मौजूद रहे।
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