शहर की प्रमुख सड़कों के आस-पास बने ठेकों से यातायात होता है प्रभावित
फरीदाबाद। शहर में शाम ढलते ही शराब के ठेकों के आसपास वाहनों की भीड़ बढ़ने लगती है। शराब खरीदने पहुंचने वाले कई लोग अपने वाहनों को सड़क किनारे या सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं। इससे मुख्य सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम जाती है। इससे निपटने के लिए शराब ठेका संचालकों ने अपनी ओर से कोई व्यवस्था नहीं की हुई है और न ही पुलिस शराब के ठेकों के सामने सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई करती है।
शहर में अधिकांश शराब के ठेके ऐसे स्थानों पर संचालित हो रहे हैं, जहां आसपास पहले से ही वाहनों का दबाव रहता है। शाम के समय कार्यालय और बाजार से लौटने वाले लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। इसी दौरान शराब के ठेकों पर भी खरीदारों की संख्या बढ़ने लगती है। ठेकों के सामने पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। सेक्टर-11 में सेक्टर-7, 11 की डिवाइडिंग रोड के पास बने शराब के ठेके के सामने शाम होते ही वाहनों की कतार लगनी शुरू हो जाती है। यहां सड़क पर वाहनों की आवाजाही पहले से अधिक रहती है। शराब खरीदने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े कर देते हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों को निकलने के लिए सीमित जगह मिलती है। कई बार थोड़ी दूरी तक वाहनों की कतार लग जाती है। एनआईटी-पांच रेलवे रोड पर बने शराब ठेके के सामने भी शाम के समय कमोबेश ऐसे ही हालात नजर आते हैं। यहां सड़क पर वाहन खड़े होने के कारण यातायात प्रभावित होता है। रेलवे रोड व्यस्त मार्ग होने के कारण थोड़ी सी भी अव्यवस्था से वाहनों की रफ्तार पर असर पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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बल्लभगढ़ में भी परेशानी
बल्लभगढ़ में भी शराब के ठेकों के आसपास यातायात प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। बल्लभगढ़-सोहना रोड पर कई शराब के ठेके होने के कारण शाम के समय यहां खरीदारों की आवाजाही बढ़ जाती है। सड़क किनारे खड़े वाहनों से यातायात धीमा पड़ जाता है और कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है। इस रोड के आस-पास अलग-अलग स्थानों पर चार शराब के ठेके चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा झाड़सेंतली में ट्रांसपोर्ट नगर, हाईवे की सर्विस रोड, सेक्टर-59 और एल्सन चौक के आस-पास बने शराब के ठेकों के सामने भी ट्रैफिक की रफ्तार थमी रहती है।
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क्या कहते हैं लोग
दिन में तो कोई दिक्कत नहीं रहती है, लेकिन शाम होते ही ठेकों के सामने वाहन खड़े होने लगते हैं। इससे वहां से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार थम जाती है। शराब ठेकों के सामने भी बेहतर ट्रैफिक संचालन के लिए व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। - अनिल, बापू नगर
शराब के ठेकों के सामने खड़े वाहनों को रोकने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए अलग से व्यवस्था की जानी चाहिए। शराब ठेकेदारों को अपने कर्मचारी लगाने चाहिए। पुलिस को शराब ठेका संचालकों को हिदायत देनी चाहिए।- आशीष, सेक्टर-11