ग्रीन फील्ड कॉलोनी के मकान में लगी आग से माता-पिता और बहन की गई जान
माता-पिता और बहन को बचाने का किया था प्रयास, लेकिन बेहोश हो गए थे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रीन फील्ड कॉलोनी के बी ब्लॉक में मकान में आग लगने के दौरान घायल युवक आर्यन के पैर की सर्जरी हो गई है। सूरजकुंड रोड स्थित निजी अस्पताल में उसका इलाज हो रहा है। खिड़की में लगे कांच को पैर से तोड़ने के दौरान पैर में चोट लगी थी। कांच को तोड़कर वह अपनी जान बचा सका था। उसने माता-पिता व बहन को भी बचाने का प्रयास किया लेकिन धुंआ अधिक होने के चलते हे लोग बेहोश हो गए थे। बाद में सभी को मृत घोषित कर दिया गया।
हादसे में घायल हुए और परिवार में अकेले बचे आर्यन के पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं। इसमें उसने आग लगने के दौरान हुए घटनाक्रम के बारे में विस्तार से बताया। आर्यन ने कहा कि रविवार देर रात लगभग साढ़े तीन बजे उसे आग लगने और धुंआ फैलने का पता चला। उसने पिता सचिन, मां रिंकू और बहन सुजान को जगाया। लगभग 10 मिनट बाद तीनों अपने दूसरी मंजिल से नीचे की ओर गए ताकि बाहर निकल सकें। वहां धुंआ इतना अधिक था कि पहली मंजिल से नीचे नहीं जा सके। फिर बचने के लिए छत पर जाने लगे। वहां पर छत पर लगे लोहे के दरवाजे पर ताला लटका था। उसकी चाबी नहीं थी तो वे फिर नीचे की ओर जाने लगे। हादसे को लेकर आर्यन ने किसी पर भी आरोप नहीं लगाया है।
मंत्री ने परिजनों को दी सांत्वना
तीनों मृतकों सचिन कपूर, उनकी पत्नी रिंकू व बेटी सुजान का सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं मंगलवार को मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी परिजनों को सांत्वना देने ग्रीन फील्ड कॉलोनी पहुंचे। उन्होंने परिजनों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस से भी मामले में चल रही कार्रवाई के बारे में पूछा।
आग और धुएं में खत्म हुई खुशियां
ग्रीन फील्ड कॉलोनी के बी ब्लॉक स्थित चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल की बालकनी में लगे एसी आउट डोर यूनिट में शॉर्ट सर्किट हुआ। इसके इंडोर यूनिट से जुड़े पाइप के जरिये आग पहली मंजिल के अंदर तक पहुंच गई और कमरे में धुंआ भरने लगा। पहली मंजिल पर रहने वाला परिवार यहां से बाहर भागा और ऊपर दूसरी व चौथी मंजिल के परिवार को बचाने के लिए शोर मचाया। वे लोग उठ गए और बचने का प्रयास किया। लेकिन दूसरी मंजिल पर रहने वाले सचिन कूपर, उनकी पत्नी रिंकू व बेटी सुजान और कुत्ते की धुंए से दम घुटने से मौत हो गई थी।