फरीदाबाद। ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता जा रहा है। शनिवार को फरीदाबाद एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा। हवा में प्रदूषक तत्व पीएम-2.5 का स्तर 447 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया, जोकि बीते सप्ताह में सबसे अधिक था। शनिवार सुबह कोहरे के साथ ही स्मॉग की चादर भी छाई रही, जिस कारण दृश्यता भी बेहद कम रही।
एक बार फिर हवा थमने और बरसात न होने के कारण आसमान में धूल कण जमा होने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ना शुरू हो गया है। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर बढ़कर 447 माइक्रोग्रोम प्रतिघन मीटर तक पहुंच गया, जोकि सेहत के लिए बेहद खराब है। पिछले एक सप्ताह से एक्यूआई का स्तर 321 से 385 के बीच में ही रहा, जोकि शुक्रवार को बढ़कर 401 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक पहुंच गया था।
शनिवार को यह आंकड़ा 447 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक पहुंच गया, जोकि एनसीआर के जिलों में सबसे ज्यादा था। फरीदाबाद के बाद दूसरे नंबर पर नोएडा सबसे प्रदूषित था। नोएडा का एक्यूआई 442 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही शनिवार को कोहरे के साथ ही स्मॉग भी छाया रहा, जिससे दृश्यता भी काफी कम रही। वहीं लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की समस्या भी हुई।
बरसात से मिल सकती है प्रदूषण से निजात
नए साल का आगाज बरसात के साथ हो सकता है। वेबसाइट के अनुसार, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को बादल छाए रहेंगे और बरसात की संभावना है। बरसात होने पर आसमान में जमा धूल कण नीचे आ जाएंगे और लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी।
कहां कितना प्रदूषण
गुरुग्राम : 303 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर
दिल्ली : 409
नोएडा : 442
सोनीपत : 149
गाजियाबाद : 430
बल्लभगढ़ : 387
पलवल : 361