अदालत ने छह माह की हिरासत और जांच पूरी होने के आधार पर दी जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर ठगी के मामले में आरोपी के बैंक खाते में 15 दिन के भीतर करीब 7.80 करोड़ रुपये आने का हवाला देते हुए अभियोजन ने उसके दोबारा साइबर अपराध में शामिल होने की आशंका जताई। मामला 2.61 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने आरोपी केशव सिंह की जमानत मंजूर कर दी। अभियोजन के अनुसार शिकायतकर्ता हिरक कुमार मुखर्जी से निवेश के नाम पर लिंक भेजकर 2,61,15,000 रुपये की साइबर ठगी की गई थी। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 39 लाख रुपये निजी बैंक के एमएस गोल्डन एम्ब्रेस खाते में पहुंचे थे। वहां से 59,234 रुपये केशव सिंह के बैंक खाते में जमा हुए थे। केशव का नाम प्राथमिकी में नहीं था, बल्कि जांच के दौरान उसका कनेक्शन सामने आया।
जमानत का विरोध करते हुए अभियोजन ने अदालत को बताया कि केशव के बैंक खाते के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर तीन अन्य शिकायतें भी दर्ज हैं। 28 जुलाई से 13 अगस्त 2025 के बीच उसके खाते में इस मामले की रकम समेत कुल करीब 7.80 करोड़ रुपये जमा होने की बात अदालत के समक्ष रखी गई। अभियोजन ने इसी आधार पर जमानत मिलने के बाद उसके दोबारा इसी तरह के अपराध में शामिल होने की आशंका जताई।
अदालत ने जमानत देते हुए कहा कि आरोपी 28 जनवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में है और करीब छह माह नौ दिन हिरासत में रह चुका है। पुलिस जांच पूरी कर चालान पेश कर चुकी है। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी के खिलाफ इस मामले के अलावा कोई आपराधिक पृष्ठभूमि सामने नहीं आई है और आरोप अभी विचारण के दौरान साबित होने बाकी हैं। अदालत ने 75 हजार रुपये के जमानती बांड और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर जमानत मंजूर की। साथ ही समान अपराध में दोबारा शामिल पाए जाने पर जमानत रद्द कराने की शर्त लगाई।