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'फ्लैट नंबर-107': 2021 में बनवाया फर्जी पते पर पासपोर्ट, फिर गया अमेरिका; अनमोल बिश्नोई पर चौंकाने वाला खुलासा

Wed, 19 Nov 2025 10:46 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद

सार

Anmol Bishnoi News: अमेरिका से प्रत्यर्पित गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई ने 2021 में ग्रेटर फरीदाबाद की ओरिक सोसाइटी के फर्जी किराएदार पते पर पासपोर्ट बनवाया था, जिसके जरिए वह विदेश फरार रहा। पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 11 दिन की एनआईए रिमांड पर भेज दिया है। 
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अनमोल बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने फरीदाबाद के एक फर्जी पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अनमोल विश्नोई ने साल 2021 फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। उसने पासपोर्ट के लिए ग्रेटर फरीदाबाद के ओरिक सोसाईटी के टावर नंबर-टी-4 स्थित फ्लैट नंबर-107 का पता दिया था। बताया जा रहा है कि उस फ्लैट मे साल 2021 मे तीन युवक किराये पर रहते थे। पंजाबी गायक सिद्धू मुसेवाला की हत्या के बाद एनआईए की टीम ओरिक सोसाइटी भी जांच करने आई थी और फ्लैट के मालिक से पूछताछ की थी।

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अनमोल बिश्नोई को 11 दिन की एनआईए रिमांड
पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को कुख्यात गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया। विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार शर्मा की अदालत में एनआईए ने 15 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 11 दिन की रिमांड मंजूर की। मामले की सुनवाई इन-कैमरा हुई और कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

'बब्बर खालसा जैसे आतंकी संगठन से कनेक्शन'
एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि अनमोल बिश्नोई सिंडिकेट का आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से सीधा संबंध है। इसलिए खालिस्तानी कनेक्शन की गहन जांच के लिए उससे पूछताछ जरूरी है। अनमोल, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई और सबसे करीबी सहयोगी है।NIA की प्रमुख दलीलेंहिरासत में पूछताछ से गिरोह के अन्य सदस्यों, फंडिंग के स्रोत, सोशल मीडिया अकाउंट्स, नेटवर्क की गतिविधियों और सहयोगियों की पहचान हो सकेगी।

अनमोल बिश्नोई के पास दो भारतीय पासपोर्ट हैं, जिनमें से एक फर्जी है। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने गोल्डी ब्रार, सचिन थप्पन, विक्रम ब्रार और अनमोल बिश्नोई जैसे लोगों के जरिए अपना नेटवर्क विस्तार किया। 2020 तक इस गिरोह में 700 से अधिक शार्पशूटर थे और यह सालाना करोड़ों रुपये की कमाई कर रहा था। एनआईए ने इसे दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से भी खतरनाक बताया और कहा कि यह उत्तर भारत में आतंक, हत्या और वसूली के जरिए कानून-व्यवस्था को अस्थिर करने में लगा था।
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एजेंसी ने इसे दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से तुलना करते हुए कहा कि अनमोल का नेटवर्क उत्तर भारत में कानून-व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए आतंक, हत्या और वसूली में सक्रिय था। एनआईए ने कहा कि अनमोल के पास दो भारतीय पासपोर्ट हैं, जिनमें से एक फर्जी है। इससे मिलने वाली जानकारी से गिरोह से जुड़े और लोगों की पहचान हो सकती है।

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