प्रशासन से मृतकों को शहीद का दर्जा देने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-24 स्थित वर्कशॉप हादसे में घायल 37 लोगों में से रविवार-सोमवार को दो और व्यक्तियों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों की पहचान दमकल कर्मी गांव अटाली निवासी 41 वर्षीय रणबीर और यूपी के हमीरपुर जिले के गांव पुलिदा निवासी 38 वर्षीय बृजपाल के रूप में हुई है। हादसे में अब तक दो दमकल कर्मियों की मौत के बाद दमकल विभाग के कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को दमकल कर्मचारियों ने कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रशासन से मृतकों को शहीद का दर्जा देने की मांग की।
कैंडल मार्च एनआईटी कोतवाली चौराहे से शुरू होकर मैट्रो चौक, बीके चौक और नीलम चौक से होते हुए वापस एनआईटी स्टेशन पर समाप्त हुआ। मृतकों का उपचार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा था। रणबीर दमकल विभाग में फायरमैन थे और हादसे में 40 फीसदी से अधिक झुलस गए थे। इस घटना के बाद अब तक पुलिस व दमकल विभाग समेत छह लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दो घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
दमकल कर्मियों का आरोप है कि विभाग की ओर से उन्हें सुरक्षा किट और फायर सूट उपलब्ध नहीं कराए जाते। बिना सुरक्षा कवच के ही उन्हें आग बुझाने के लिए भेज दिया जाता है, जिससे उनकी जान जोखिम में रहती है। चतर सिंह व इंदर का कहना है कि कि वे वर्षों से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। कर्मचारियों ने मांग की है कि मृत दमकल कर्मियों को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके परिवारों को सभी सरकारी सुविधाएं दी जाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें सुरक्षा कवच और फायर सूट उपलब्ध होते, तो शायद उनके साथियों की जान बचाई जा सकती थी।
16 फरवरी को हुआ था भीषण हादसा
गौरतलब है कि 16 फरवरी को सेक्टर-24 के मुजेसर स्थित शिव स्टील और कालका जी लुब्रिकेंट की वर्कशॉप में भीषण आग लग गई थी। आग ने देखते ही देखते लोहे के ड्रमों में रखे केमिकल और ज्वलनशील पदार्थ को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद हुए जोरदार धमाके में दमकल कर्मी, पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी समेत करीब 37 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सभी घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। अब तक जिन लोगों की मौत हो चुकी है, उनमें मुजेसर थाने में तैनात 29 वर्षीय एसआई रवि, फायरमैन भविचंद, फायरमैन रणबीर, कंपनी मालिक विजय मोंगा के बेटे अभिषेक, कर्मचारी प्रदीप और बृजपाल शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।