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Faridabad News: दशहरा पर मनीष के घर दिवाली जैसा माहौल

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पैरा एशियन गेम्स में जीता रजत, सेक्टर-65 स्थित आवास पर बधाई देने वालों का लगा तांता
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। जिले के पैरा शूटर मनीष नरवाल ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर देश और जिले का नाम रोशन किया है। दस मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में मिली इस सफलता के साथ उन्होंने वर्ष 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले पैरालंपिक खेलों का कोटा भी हासिल कर लिया। मनीष की इस दोहरी उपलब्धि से दशहरा पर परिवार की खुशियां दोगुनी हो गईं और घर में दिवाली जैसा माहौल बन गया। सेक्टर-65 स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। करीब 20 दिन पहले बीमारी से मनीष का अभ्यास प्रभावित हुआ था, पर उन्होंने हार नहीं मानी।

मनीष के पिता दिलबाग सिंह नरवाल और मां संतोष देवी ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बीमारी के कारण मनीष की तैयारियां प्रभावित हुई थीं, लेकिन उन्हें उसकी मेहनत और क्षमता पर पूरा भरोसा था। बीमारी से उबरने के बाद मनीष ने अपना ध्यान अभ्यास पर केंद्रित किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। मनीष ने अपनी सफलता का श्रेय कोच राकेश ठाकुर को दिया। उन्होंने कहा कि कोच ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और मुश्किल समय में उनका मार्गदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान राकेश ठाकुर जापान में मौजूद थे और मनीष का प्रदर्शन देख रहे थे।
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भाई-बहन ने भी चुना शूटिंग का रास्ता

मनीष की सफलता से प्रेरित होकर उनके छोटे भाई शिवा नरवाल और बहन शिखा नरवाल ने भी शूटिंग को अपना कॅरिअर बनाया। दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। शिवा ने वर्ष 2023 के एशियन गेम्स में दस मीटर एयर पिस्टल के टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि शिखा भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। दिलबाग सिंह नरवाल ने बताया कि बच्चों को अभ्यास के लिए बेहतर माहौल देने के उद्देश्य से घर पर ही दस मीटर की शूटिंग रेंज तैयार की गई है। यहां मनीष, शिवा और शिखा घंटों अभ्यास करते हैं।


परिजनों के बयान

मनीष की मेहनत और कोच राकेश ठाकुर के मार्गदर्शन पर हमें हमेशा भरोसा रहा। बीमारी के बावजूद बेटे ने देश का मान बढ़ाया है। - दिलबाग सिंह नरवाल, पिता

मनीष की तबीयत खराब होने से हम चिंतित थे, लेकिन हमें विश्वास था कि वह अच्छा प्रदर्शन करेगा। उसका पदक जीतना हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है। - संतोष देवी, मां
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भैया की उपलब्धियां हमें लगातार बेहतर करने की प्रेरणा देती हैं। बहुत खुश हूं, अब 24 अक्तूबर को उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। - शिवा नरवाल, छोटा भाई

भैया ने शूटिंग में अपनी मेहनत से अलग पहचान बनाई है। उनकी सफलता से हमें गर्व होता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है। - शिखा नरवाल, बहन
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