-शिकायतकर्ता ने दो साल तक कराए थे मजदूर उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। दिवालिया घोषित हो चुकी कंपनी की आड़ में लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में सदर बल्लभगढ़ थाना पुलिस ने एक परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने खुद को कंपनी का अधिकृत संचालक और निदेशक बताकर मजदूर उपलब्ध कराने का अनुबंध किया। इसके तहत उन्होंने दो साल तक मजदूर मुहैया कराए, जबकि इसके एवज में 22.54 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। साथ ही कंपनी की वास्तविक स्थिति छिपाकर फर्जी दस्तावेजों और साजिश के जरिये धोखाधड़ी की।
बालाजी इंडस्ट्रियल सर्विसेज के पार्टनर मोहन सिंह पटवाल के अनुसार 2022 में आरोपी अजय मैनी, रक्षक मैनी, वंशज मैनी और देवाशीष नंदा ने स्वयं को मेनी कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक, मालिक एवं अधिकृत अधिकारी बताते हुए उनकी फर्म से मजदूर उपलब्ध कराने का अनुबंध किया था। इसके बाद वर्ष 2022 से 2024 तक लगातार विभिन्न परियोजनाओं के लिए मैनपावर उपलब्ध कराई गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस अवधि के दौरान किए गए कार्यों के एवज में उनकी फर्म का 22 लाख 54 हजार 48 रुपये बकाया है, जिसका भुगतान नहीं किया गया।
मोहन सिंह पटवाल ने आरोप लगाया कि जब भुगतान की मांग की गई तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और बाद में संपर्क करना भी बंद कर दिया। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि संबंधित कंपनी वर्ष 2016 से राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में परिसमापन प्रक्रिया से गुजर रही है तथा वर्ष 2017 में नियुक्त रेजोल्यूशन प्रोफेशनल के अधीन कंपनी का संचालन था। इसके बावजूद आरोपियों ने स्वयं को कंपनी का अधिकृत संचालक बताकर व्यापारिक लेनदेन किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कानूनी प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत एक विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी संदिग्ध है और इसका उपयोग कंपनी पर नियंत्रण दर्शाने के लिए किया गया।