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Faridabad News: प्रॉपर्टी आईडी में रिश्वतखोरी के आरोपों की होगी जांच

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तीन दिन में रिपोर्ट निगमायुक्त और मेयर को सौंपने के निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो


फरीदाबाद। नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े कार्यों में कथित रिश्वतखोरी और अनियमितताओं के आरोपों की जांच तेज हो गई है। एनआईटी जोन के जोनल टैक्स कार्यालय (जेडटीओ) के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम आयुक्त ने पूरे मामले की जांच ज्वाइंट कमिश्नर हेडक्वार्टर को सौंपी है। अतिरिक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा और मेयर प्रवीण बत्रा जोशी को सौंपेंगे।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से मेयर के समाधान शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां ठीक कराने, नई आईडी बनवाने और रिकॉर्ड अपडेट कराने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत की। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर उनके आवेदन या तो लंबे समय तक लंबित रखे जाते हैं या फिर विभिन्न कारण बताकर निरस्त कर दिए जाते हैं।
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डबुआ कॉलोनी निवासी पुष्कर ने आरोप लगाया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी में लंबे समय से त्रुटियां बनी हुई हैं, लेकिन उन्हें ठीक नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि कार्यालय के कर्मचारियों ने सुधार के लिए पैसे की मांग की। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी शिकायत भेजी है। वहीं, गाजीपुर निवासी सीमा ने भी मेयर को शिकायत देकर आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े कार्यों के बदले रिश्वत की मांग की जाती है। रिश्वत देने से मना करने पर लोगों के आवेदन रद्द कर दिए जाते हैं। जवाहर कॉलोनी निवासी ममता ने बताया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी में नाम गलत दर्ज हो गया है। कई बार नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा को निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही किसी अधिकारी या कर्मचारी की रिश्वत मांगने में भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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