संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अमृता अस्पताल में मात्र 5.5 माह की गर्भावस्था में जन्मी तीन नवजात बालिकाओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी है। इन नवजातों का कुल वजन केवल 2.5 किलोग्राम था और ये जन्म के बाद लंबे समय तक नीकू वार्ड में गहन निगरानी में रहीं।
अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने 225 दिनों तक इन तीनों शिशुओं की उच्च जोखिम वाली देखभाल की और यह सुनिश्चित किया कि इस दौरान किसी भी तरह की चिकित्सकीय जटिलता न हो। इस दौरान अस्पताल में न तो संक्रमण हुआ और न ही मस्तिष्क में रक्तस्राव।
गर्भावस्था की शुरुआत से ही यह मामला असाधारण था। नवजातों का जन्म 900 ग्राम, 800 ग्राम और 800 ग्राम के वजन के साथ हुआ। यह वजन भारत में जीवित रहने की सामान्य सीमा से काफी नीचे माना जाता है। वरिष्ठ नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि छह डॉक्टरों और लगभग 20 नर्सों की समर्पित टीम ने लगातार शिफ्टों में काम करते हुए इन नवजातों को व्यक्तिगत और निरंतर देखभाल प्रदान की। इनमें से किसी भी शिशु को यांत्रिक वेंटिलेशन की आवश्यकता नहीं पड़ी।