एम्स के सभी परिसरों में स्टाफ को आग से बचने की ट्रेनिंग दी जा रही है
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाल ही में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हुई आगजनी की घटनाओं को देखते हुए एम्स अपने सभी परिसरों को सुरक्षित बनाने में जुट गया है। इसके लिए एम्स के सभी परिसरों में स्टाफ को आग से बचने की ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही एम्स के सभी परिसरों में मॉक ड्रिल करने की योजना बनाई गई है। यह प्रक्रिया दिसंबर तक चलेगी। एम्स के उपमुख्य सुरक्षा अधिकारी की तरफ से जारी आदेश के तहत एम्स ट्रामा सेंटर से मॉकड्रिल की प्रक्रिया शुरू हुई है जो बल्लभगढ़ स्थित एम्स के केंद्र पर खत्म होगी।
मॉक ड्रिल में सभी आग के उपकरण, इनके इस्तेमाल, फायर अलार्म की जांच, लोगों तक सूचना पहुंचाने की जगह, आग की घटना से लोगों को बाहर निकालना, बचाव के तरीके, आग से बचने के उपकरण का इस्तेमाल, कोड रेड की जानकारी देना शामिल है। साथ ही दिल्ली दमकल सेवा के माध्यम से स्टाफ को विशेष जानकारी भी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि यदि आग की घटना में फंस जाते हैं तो कैसे बाहर निकल सकते हैं। मॉक ड्रिल के दौरान परिसर में कृत्रिम तरीके से आग जैसी घटनाएं तैयार कर उससे बचने के तरीके भी बताए जाएंगे। सीआरएचएसपी बल्लभगढ़ में 29 दिसंबर को मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।