पांच महीने के पायलट प्रोजेक्ट में घटनाओं में 54 फीसदी तक सुधार
चार स्तर पर काउंसलिंग से बदला विद्यार्थियों का व्यवहार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ होने वाली बुलिंग यानी परेशान करने की घटनाओं को रोकने के लिए अब तकनीक की मदद ली जा रही है। कक्षा में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के साथ विद्यार्थियों के व्यवहार का आकलन किया जा रहा है। जिले के सेक्टर-14 स्थित डीएवी स्कूल में एआई आधारित बुलिंग डिकोडर के पायलट प्रोजेक्ट के दौरान पांच महीने में बुलिंग की घटनाओं में 54 फीसदी तक सुधार दर्ज किया गया। इस बुलिंग डिकोडर को टाइम मैगजीन के वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ आविष्कारों की शिक्षा श्रेणी में भी शामिल किया गया है।
प्रोजेक्ट के तहत स्कूल की चुनिंदा कक्षाओं में ऑडियो-विजुअल कैमरे लगाए गए। इनकी मदद से विद्यार्थियों की गतिविधियों और आपसी बातचीत का आकलन किया गया। इसका उद्देश्य ऐसी घटनाओं की पहचान करना था, जो सामान्य निगरानी में सामने नहीं आ पातीं। खासकर मौखिक रूप से परेशान करने की घटनाओं पर ध्यान दिया गया। स्कूल में विद्यार्थियों के लिए कार्यशालाएं आयोजित कर बुलिंग के दुष्परिणाम बताए गए। बुलिंग करने वाले विद्यार्थियों के साथ ही इससे परेशान होने वाले बच्चों की भी काउंसलिंग की गई। विद्यार्थियों के बीच से काउंसल सदस्य भी बनाए गए, ताकि बच्चे अपनी परेशानी साझा कर सकें। शिक्षकों को बताने में झिझक महसूस करने वाले विद्यार्थियों को इन सदस्यों की मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।