उद्यमियों ने बैठक कर बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। डाई-केमिकल के दामों में उछाल और न्यूनतम वेतन बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर के टेक्सटाइल प्रोसेसिंग एवं डाइंग उद्योग पर असर दिखाई देने लगा है। उद्यमियों में टेक्सटाइल के दामों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने पर सहमति बनी है। उद्यमियों ने बैठक कर बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।
टेक्सटाइल एंड अपैरल एसोसिएशन ऑफ हरियाणा (टीएएएच) और दिल्ली-एनसीआर टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन की हाल ही में शहर के एक निजी होटल में बैठक हुई थी। बैठक में दिल्ली-एनसीआर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की 35 से अधिक टेक्सटाइल प्रोसेसिंग और डाइंग इकाइयों के उद्योगपति एवं प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उद्योगपतियों ने मौजूदा बाजार परिस्थितियों, बढ़ती उत्पादन लागत और पुराने प्रोसेसिंग रेट के बीच बढ़ रहे अंतर को लेकर अपनी चिंता रखी। उद्यमियों का कहना है कि हरियाणा में न्यूनतम वेतन और पीएफ में बढ़ोतरी होने से उद्योगों पर भार बढ़ा है। इसके अलावा बिजली और अन्य ऊर्जा खर्च, डाई-केमिकल, परिवहन तथा परिचालन लागत बढ़ने से कुल उत्पादन खर्च और बढ़ गया है। मौजूदा परिस्थितियों में पुराने रेट पर लगातार काम करना मुश्किल हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में एच एसिड, और सल्फर आपूर्ति संबंधी व्यवधान, कच्चे माल की उपलब्धता में अनिश्चितता और औद्योगिक इनपुट की बढ़ती कीमतों का असर सीधे प्रोसेसिंग उद्योग पर पड़ रहा है। ऐसे में बढ़ी हुई लागत के अनुरूप ही बढ़ोतरी की गई है।- भूपेंद्र सिंह, अध्यक्ष, टीएएएच
20 से 30 प्रतिशत रेट संशोधन को स्थायी और एकतरफा बढ़ोतरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यदि भविष्य में कच्चे माल, डाई-केमिकल, ऊर्जा या अन्य प्रमुख इनपुट की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आती है तो परिस्थितियों के अनुसार प्रोसेसिंग और डाइंग रेट घटाने पर भी विचार किया जाएगा। - एसडी खेत्रपाल, अध्यक्ष दिल्ली-एनसीआर टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन