मृत्यु प्रमाण पत्र भी अदालत में पेश किया जाएगा, 9 अप्रैल को मामले में होगी जिला अदालत में सुनवाई
जेल प्रबंधन की ओर से अब्दुल रहमान की मौत की सूचना जिला अदालत को भी दी गई है
सोनू यादव
फरीदाबाद। नीमका जेल में 10 फरवरी की रात संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में जेल प्रबंधन की ओर से जिला अदालत को भी कस्टडी में मौत की सूचना दी गई है। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला अदालत ने संबंधित थाना एसएचओ या जांच अधिकारी से डेथ वेरिफिकेशन रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले में अब 9 अप्रैल को जिला अदालत में सुनवाई होनी है। अदालत ने अब्दुल रहमान का मृत्यु प्रमाण पत्र भी पेश करने को कहा है। इसके बाद अब्दुल रहमान के खिलाफ शुरू हुए ट्रायल को बंद किए जाने की संभावना है।
संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान (19) को 2 मार्च 2025 को बांस रोड पाली से पलवल एसटीएफ, गुजरात एटीएस की टीम ने काबू किया था। इसके पास से दो हैंड ग्रेनेड व डेटोनेटर मिले थे जिन्हें निष्क्रिय किया गया। जांच में पता चला कि अब्दुल रहमान अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (एक्यूआईएस) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियां के संपर्क में था। अबू सूफियां ने ही अपना हैंडलर भेजकर बांस रोड स्थित खेत के पास गड्ढा खुदवाकर जमीन में दो हैंडग्रेनेड के साथ ही डेटोनेटर भी छुपाए थे। अब्दुल रहमान को ये छुपाने के स्थान की लोकेशन दी गई थी, जिसके बाद आतंकी यहां पहुंचा और गड्ढे की मिट्टी हटाकर ये सामान वाला पैकेट उसने निकालकर अपने बैग में रख लिया था। अब्दुल रहमान को ये सामान लेकर 4 मार्च को वापस अयोध्या पहुंचना था। लेकिन यहां की लोकेशन व आरोपी की फोटो मिलने पर उसे काबू कर लिया गया। मामले में एसटीएफ अब्दुल रहमान के खिलाफ चालान पेश कर चुकी है। आरोपी के खिलाफ चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। जिला अदालत से उसकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है।
नीमका जेल के बैरक सुरक्षा वार्ड नंबर 3बी साइड में चक्की नंबर 2 में बंद संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या की वारदात 8 फरवरी की रात को हुई थी। मामले में हत्या के आरोप में इसी चक्की में बंद जम्मू कश्मीर के रहने वाले बंदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट पर लगे। वारदात के दौरान इस चक्की में एक अन्य बंदी सोएब रियाज भी मौजूद था। पुलिस ने मामले में हत्या की एफआईआर दर्ज की। प्रोडक्शन वारंट के बाद रिमांड पर लिए गए आरोपी अरुण चौधरी ने पूछताछ में खुलासा किया कि राम मंदिर के प्रति आस्था को लेकर ही उसने हत्या की थी। आरोपी ने कबूला कि जब उसे पता चला कि अब्दुल रहमान राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश में शामिल था तो उसे बेहद गुस्सा आया। उसने तय कर लिया था कि वो अब्दुल रहमान की मौका पाते ही हत्या कर देगा।
हत्या के मामले के बाद नीमका जेल में डीजी जेल आलोक मित्तल के दौरे के बाद जेल अधीक्षक हरेंद्र सिंह व उप अधीक्षक सुरक्षा सचिन कौशिक को निलंबित भी किया जा चुका है। जेल में संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या को सरकार ने सुरक्षा में लापरवाही माना। इनसे पहले जेल के वार्डर-हेड वार्डर को भी हटाया गया था।