घटना से सात दिन पहले पासपोर्ट वेरिफिकेशन करा लिया था
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली ब्लास्ट मामले से जुड़े आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. शाहीन सईद की गतिविधियों को लेकर जांच तेज हो गई है। जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट के बाद वह खाड़ी देश जाकर पाकिस्तानी हैंडलर से मिलने वाली थी।
इसके लिए उसने घटना से सात दिन पहले पासपोर्ट वेरिफिकेशन भी करा लिया था, लेकिन पुलिस पासपोर्ट रिपोर्ट जमा नहीं कर पाई, जिससे वह देश छोड़ने में असफल रही।
एनआईए अब यह जांच कर रही है कि शाहीन के पास विदेशी मुद्रा कहां से आई और उसका स्रोत क्या है। हाल ही में एजेंसी को अलफलाह यूनिवर्सिटी स्थित उसकी अलमारी से 18.50 लाख रुपये कैश और विदेशी करेंसी बरामद हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, बरामद मुद्रा खाड़ी देशों की है। एजेंसी उसकी विदेश यात्राओं का पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही है कि वह किन देशों में गई, किन होटलों में ठहरी और किन लोगों से मिली, इसका डाटा निकाला जा रहा है।
बताया गया है कि शाहीन के पास दो पासपोर्ट थे और इन्हीं के जरिए वह लंबे समय तक खाड़ी देशों की यात्रा करती रही। जिन देशों में उसने यात्रा की उनमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और दुबई शामिल हैं।
जांच एजेंसी को शक है कि वह एनजीओ के जरिए आतंकी नेटवर्क के लिए फंड जुटा रही थी। तीन संदिग्ध एनजीओ के खातों में भी कई संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार, अलफलाह अस्पताल में आने वाले गरीब मरीजों को आर्थिक मदद के बहाने इस रकम का इस्तेमाल उन्हें नेटवर्क में शामिल करने के लिए किया जा रहा था। एजेंसी नकदी, सोने के बिस्कुट और आभूषणों की भी पड़ताल कर रही है।
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