फरीदाबाद। कोरोना बचाव के टीके की गलती से कॉकटेल डोज लेने वाले 46 वर्षीय मत्सयेंद्र नाथ पांडेय को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। निजी अस्पताल ने मानवीय भूल मानते हुए वैक्सीन की गलत डोज लगाने की बात स्वीकारी थी। दो अलग-अलग वैक्सीन कोवाक्सिन और कोविशील्ड की डोज लगने के कारण मत्सयेंद्र नाथ को सीने में दर्द और गले में खराश की शिकायत हुई थी।
मत्सयेंद्र नाथ ने बताया कि वह कॉकटेल वैक्सीन डोज से पहले पूरी तरह से स्वस्थ थे। ऐसे में निजी अस्पताल ने उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा। इसी बीच मत्सयेंद्र का रक्तचाप (बीपी) बढ़ गया। ऐसे में निगरानी समय बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) में दिल स्वस्थ मिला। दवा के बाद बीपी नॉर्मल हो गया। अब तीन दिन की दवा के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अगले छह सप्ताह बाद उनके शरीर में एंटीबॉडी की मात्रा जांची जाएगी।
मत्सयेंद्र नाथ सेक्टर-45 में रहते हैं। उन्होंने बताया कि 20 जून को दिल्ली के मूलचंद अस्पताल से कोवाक्सिन की पहली डोज ले चुके हैं। दूसरी डोज लगवाने के लिए सेक्टर-19 स्थित सर्वोदय अस्पताल पहुंचे थे। जहां पूछताछ केंद्र पर बताया गया कि कोवाक्सिन की पहली डोज प्रथम तल पर लगाई जा रही है। मत्सयेंद्र नाथ पांडे ने डोज की एवज में कार्ड से भुगतान किया और टीकाकरण कराया। जैसी ही रुपये बैंक अकाउंट से कटे तो मोबाइल पर बैंक बैलेंस अपडेट हुआ। टीकाकरण के लिए 1200 के बजाय 780 रुपये कटने पर पांडे ने स्टाफ से पता किया तो जानकारी मिली की कोविशील्ड की डोज की एवज में यह भुगतान लिया गया। मत्सयेंद्र ने स्टाफ की लापरवाही की शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की। हालांकि लापरवाही की बात को अस्पताल प्रबंधन ने नकारा है। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सौरभ गहलोत का कहना है कि मत्येंद्र पूरी तरह स्वस्थ हैं। मानवीय भूल किस पक्ष से हुई यह कहना मुश्किल है। सीएमओ डॉ रणदीप सिंह पुनिया का कहना है कि मानवीय भूल सामने आई है। व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ है। मामले को रेयर केस रिकॉर्ड में रखा गया है, किसी भी परेशानी पर संज्ञान लिया जाएगा।