पारिवारिक न्यायालय ने तलाक के बाद दोनों नाबालिग बेटियों की अभिरक्षा पिता को सौंपी थी
मां समेत अन्य पर अपहरण और धमकी की प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आपसी सहमति से तलाक के बाद पारिवारिक न्यायालय द्वारा दोनों नाबालिग बेटियों की अभिरक्षा पिता को सौंपी गई थी। आरोप है कि मां ने अन्य लोगों के साथ मिलकर दोनों बेटियों का अपहरण कर अपने साथ ले जाने के बाद उन्हें वापस भेजने के बदले एक एकड़ जमीन और मकान अपने नाम करने की मांग की।
विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। छांयसा थाना पुलिस ने अदालत के अभिमत के आधार पर आरोपी मां समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव गढ़खेड़ा निवासी अधिवक्ता ओमवृत ने शिकायत में बताया कि उनकी शादी वर्ष 2008 में सुदेश से हुई थी। दोनों के बीच विवाद के बाद सात फरवरी 2019 को आपसी सहमति से तलाक हो गया। पारिवारिक न्यायालय ने दोनों नाबालिग बेटियों की अभिरक्षा उन्हें सौंपी थी। वर्ष 2022 में भी अदालत के आदेश पर बेटियां उन्हें वापस सौंपी गई थीं। 19 जुलाई की सुबह दोनों बेटियां घर से गायब मिलीं। तलाश करने पर पता चला कि सुदेश दो-तीन अन्य लोगों के साथ उन्हें अपने साथ ले गई है। ओमवृत ने आरोप लगाया कि जब वह बेटियों को लेने पहुंचे तो सुदेश और उसकी मां ने एक एकड़ जमीन व गांव दयालपुर स्थित मकान सुदेश के नाम कराने की मांग की। ऐसा नहीं करने पर बेटियों को वापस न देने और जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि कानूनी राय लेने के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया न्यायालय के अभिरक्षा आदेश का उल्लंघन कर नाबालिगों को विधिपूर्ण संरक्षण से ले जाने का मामला बनता है। इसके आधार पर एक अगस्त को छांयसा थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।