उद्योग संचालकों को कचरा निस्तारण को लेकर अलग-अलग इंतजाम से मिलेगी राहत
सफाई व्यवास्था को पंख लगने के साथ फरीदाबाद में उद्योगों की बढ़ेंगी सुविधा
सुविधा शुरू होने के बाद नए उद्योग बढ़ने की जताई जा रही संभावना
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। शहर को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। आवासीय इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के पायलट प्रोजेक्ट की मंजूरी के बाद अब औद्योगिक क्षेत्रों में भी यही व्यवस्था लागू की जा रही है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम ने फरीदाबाद के सेक्टर-31 इंडस्ट्रियल एस्टेट में नई सफाई व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत पक्की सड़कों की नियमित सफाई, औद्योगिक इकाइयों से सीधे कचरा उठान और उसी क्षेत्र में कचरे का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
सेक्टर-31 इंडस्ट्रियल एस्टेट फरीदाबाद के सबसे व्यस्त औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है। यहां रोजाना हजारों कर्मचारी और उद्यमी आते-जाते हैं। अब तक सफाई व्यवस्था बिखरी हुई थी जिसके चलते कई जगहों पर कचरा जमा रहने और धूल उड़ने की शिकायतें आम है। एचएसआईआईडीसी की नई पहल के बाद इस पूरे क्षेत्र को एक संगठित सफाई मॉडल के तहत लाया जा रहा है जहां सड़कों से लेकर औद्योगिक इकाइयों तक सफाई की जिम्मेदारी तय होगी।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से खत्म होगी अव्यवस्था
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत औद्योगिक इकाइयों से सीधे कचरा उठान की व्यवस्था है। घरों की तरह अब फैक्ट्रियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों से भी कचरा डोर-टू-डोर कलेक्शन सिस्टम के तहत एकत्र किया जाएगा। इससे सड़कों पर खुले में कचरा डालने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और क्षेत्र की साफ-सफाई बनी रहेगी। उद्योग संचालकों को भी कचरा निस्तारण को लेकर अलग-अलग इंतजाम नहीं करने पड़ेंगे।
पक्की सड़कों की नियमित सफाई पर विशेष जोर
औद्योगिक गतिविधियों के कारण सेक्टर-31 की सड़कों पर धूल, मलबा और कचरा जमा हो जाता है जिससे प्रदूषण बढ़ने के साथ सड़क सुरक्षा भी प्रभावित होती है। नई व्यवस्था के तहत पक्की सड़कों की नियमित सफाई की जाएगी। इससे धूल उड़ने की समस्या कम होगी और बारिश के दौरान जलभराव की आशंका
भी घटेगी।
कचरे का होगा सुरक्षित निस्तारण, खुले डंप से मिलेगी राहत
एकत्र किए गए कचरे का निस्तारण भी वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से सेक्टर-31 में ही किया जाएगा। इससे खुले में कचरा फेंकने और अवैध डंपिंग की समस्या खत्म होगी। यह व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे मिट्टी, हवा और जल प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
एनजीटी नियमों के पालन पर रहेगी सख्त नजर
यह पूरी योजना नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण को लेकर पहले से ही सख्ती बढ़ रही है और ऐसे में यह कदम नियमों के अनुपालन को आसान बनाएगा। प्रशासन का मानना है कि व्यवस्थित सफाई और कचरा प्रबंधन से उद्योगों को भी पर्यावरणीय नियमों का पालन करने में सहूलियत मिलेगी।
स्वच्छ और व्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्र निवेशकों के लिए बनेगा आकर्षण का केंद्र
इस पहल से सिर्फ औद्योगिक इकाइयों के साथ पूरे शहर को फायदा मिलेगा। साफ-सुथर परिसर मिलने से कर्मचारियों की सेहत और कार्यक्षमता में सुधार होगा। वहीं कचरा जमा न होने से मच्छर और अन्य संक्रमण फैलाने वाले कारक कम होंगे। इनके साथ नियमित सफाई से सड़कों का रखरखाव बेहतर होगा व लंबे समय तक अच्छी बनी रहेंगी। स्वच्छ और व्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा इससे जिले को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
12 महीने में दिखेगा बदलाव, बनेगा मॉडल एरिया
एचएसआईआईडीसी की योजना के अनुसार यह विशेष सफाई अभियान 12 महीने तक चलेगा और इसके असर की नियमित निगरानी की जाएगी। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो फरीदाबाद के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जा सकती है। प्रशासन को उम्मीद है कि सेक्टर-31 आने वाले समय में एक मॉडल इंडस्ट्रियल एस्टेट के रूप में उभरेगा।
इस परियोजना के तहत सोलिड वेस्ट को कलेक्ट किया जाएगा व उसका निस्तारण भी सेक्टर के अंदर ही किा जाएगा। होगा। - पुरुषोत्तम कुमार, सिनियर मैनेजर एचएसआईआईडीसी