मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सूरजकुंड में आयोजित की गई बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सूरजकुंड में शुक्रवार को आयोजित हरियाणा–अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक में दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, रवांडा, घाना, युगांडा और मिस्र के राजदूतों व उच्चायुक्तों ने हिस्सा लिया। प्रतिनिधियों ने हरियाणा के साथ कौशल विकास, उद्यमिता, औद्योगिक निवेश, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।
बैठक की अध्यक्षता सीएम नायब सिंह सैनी ने की। बैठक में बताया गया कि इस सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर बन सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने हरियाणा की औद्योगिक नीतियों, डिजिटल व्यवस्था और निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने वाले तंत्र की सराहना की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार है और जिन क्षेत्रों में साझा संभावनाएं हैं, वहां ठोस कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ा जाएगा।
दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि पीटर सैक ने कौशल आधारित प्रशिक्षण, पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग में संयुक्त पहल की बात कही। तंजानिया की हाई कमिश्नर अनीश कपूफि ने बताया कि दोनों क्षेत्रों के बीच पहले से व्यापारिक संबंध हैं और कृषि व विनिर्माण में इन्हें और मजबूत किया जा सकता है। रवांडा की हाई कमिश्नर जैकलिन मुकांगीरा ने हरियाणा की सिंगल विंडो प्रणाली को निवेशकों के लिए अनुकूल बताया और औपचारिक कारोबारी बैठकों का आमंत्रण दिया। घाना के हाई कमिश्नर प्रोफेसर क्वासी ने कॉफी प्रोसेसिंग और सीया बटर के व्यापार में सहयोग की संभावना जताई।
युगांडा की हाई कमिश्नर प्रोफेसर जॉयस ने विनिर्माण और प्राकृतिक संसाधन आधारित उद्योगों में साझेदारी बढ़ाने की बात कही और भारतीय उद्यमियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया। मिस्र के प्रतिनिधि ने औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने माना कि हरियाणा की नीतियां और निवेश के अनुकूल माहौल दीर्घकालिक साझेदारी के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकते हैं। यदि प्रस्तावित क्षेत्रों में तेजी से काम शुरू होता है तो इसका लाभ सीधे युवाओं और उद्योग जगत को मिलेगा।